
बारिश व तेज हवा से किसानों की टूटी कमर, खेतों में गिरा खड़ी धान की फसल
बलिया। जनपद में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश और तेज हवाओं से किसानों की धान की खड़ी फसल गिरकर खेतों में गिरकर बिछ गई है। खेतों में जलभराव के कारण फसल को बचाना किसानों के लिए चुनौती बन गया है। क्षेत्र में हजारों बिगहा में धान की खेती की जाती है। ऐसे में बड़े पैमाने पर फसल प्रभावित हुई है।




किसानों ने बताया कि इस बार धान की फसल अच्छी होने की उम्मीद थी।अधिकांश खेतों में बालियां निकल चुकी थीं और फसल पकने की ओर बढ़ रही थी। लेकिन अचानक हुई बारिश और तेज हवा ने स्थिति बिगाड़ दी। खेतों में पानी भरने से फसल को बचाने का कोई रास्ता समझ में नहीं आ रहा है। किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष भी इसी समय लगातार बारिश के कारण धान की कटाई प्रभावित हुई थी। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। इस बार फिर उसी तरह के हालात हैं। किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। खेतों में खड़ी फसल के साथ कटाई के बाद खेतों में रखी धान की फसल भी बारिश में भीग गई है।आशंका है कि नमी से धान की बालियां काली पड़ सकती हैं और अनाज की गुणवत्ता खराब हो सकती है।किसानों ने प्रशासन से खेतों में हुए नुकसान का स्थलीय सर्वे कराकर उचित मुआवजा और राहत देने की मांग की है।