
चुनाव में सत्ता के दुरुपयोग का सपा ने भाजपा पर लगाया आरोप
डीआईओएस के पत्र पर जताई आपत्ति, कहा-मतदाताओं पर दबाव बनाने की कोशिश
बलिया। वाराणसी खंड शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने भाजपा पर सत्ता और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। सपा ने जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों को 21 अक्टूबर को कार्यालय में उपस्थित होकर अभिलेखों का सत्यापन कराने संबंधी निर्देश पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी का कहना है कि चुनाव के दौरान इस तरह की कार्रवाई से विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों पर दबाव बनने की आशंका है।



मंगलवार को जारी विज्ञप्ति में सपा ने आरोप लगाया कि सहायता प्राप्त विद्यालयों के लोगों को फोन कर धमकाया भी जा रहा है। पार्टी ने कहा कि मतदान के ठीक पहले सरकारी स्तर पर इस प्रकार की कार्रवाई चुनाव की निष्पक्षता और मतदाताओं की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करती है। सपा का आरोप है कि भाजपा को अपनी हार का आभास हो गया है, जिसके चलते सरकारी मशीनरी के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। सपा जिलाध्यक्ष सुनील कुमार मौर्य ने कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती और समय के साथ बदलती रहती है। अधिकारियों को सत्ता के दबाव में संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन करने के बजाय निष्पक्ष रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने चुनाव की निष्पक्षता बनाए रखने की मांग की।


वहीं, जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील पाण्डेय कान्हजी ने डीआईओएस के पत्र को विद्यालय प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों को प्रभावित करने की कथित कोशिश करार देते हुए निंदा की। उन्होंने कहा कि सपा किसी भी दबाव या धमकी से डरने वाली नहीं है और चुनाव में सरकार के कथित अनुचित हथकंडों का लोकतांत्रिक तरीके से मुकाबला करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने प्रत्याशियों लाल बिहारी यादव और आशुतोष सिन्हा को विजयी बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटी है। साथ ही शिक्षकों, स्नातक मतदाताओं और कार्यकर्ताओं से निर्भीक होकर मतदान करने तथा लोकतंत्र को मजबूत बनाने की अपील की।