
1200 मतदाताओं पर बनेगा मतदेय स्थल, आपत्ति के लिए 26 अक्टूबर तक मौका
मतदान केंद्रों का होगा भौतिक सत्यापन, सुविधाओं पर रहेगा विशेष जोर
बलिया। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में जिले के मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन कराकर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रवार आलेख्य सूची तैयार कराई गई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची का प्रकाशन 19 अक्टूबर 2026 को कर दिया गया है। प्रकाशित सूची पर आम जनता, राजनीतिक दलों तथा संबंधित पक्षों से 26 अक्टूबर 2026 से पूर्व आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।



जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदेय स्थलों का सम्भाजन 1200 मतदाताओं के आधार पर किया जाना है। इसके लिए निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। यदि किसी विशेष परिस्थिति में 300 से कम मतदाताओं वाले मतदेय स्थल को बनाए रखना आवश्यक होगा, तो उसके औचित्य का स्पष्ट उल्लेख प्रस्ताव में करना होगा।
उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में हाल के वर्षों में विकसित नई आवासीय कॉलोनियों में जरूरत के अनुसार नए मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। पुराने एवं जर्जर भवनों तथा अस्थायी निर्माण वाले मतदेय स्थलों को उसी मतदान क्षेत्र में उपलब्ध उपयुक्त स्थायी भवनों में स्थानांतरित किया जाएगा। निजी भवनों में संचालित मतदेय स्थलों के स्थान पर सरकारी भवन उपलब्ध होने पर उन्हें वहां शिफ्ट करने की प्राथमिकता होगी। दुकान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, व्यक्तिगत सामुदायिक केंद्र, निजी आवास अथवा राजनीतिक व्यक्तियों के स्वामित्व वाले भवनों में स्थित मतदेय स्थलों के लिए भी विकल्प तलाशे जाएंगे। निर्देशों के अनुसार ऐसे मतदेय स्थलों को भी चिह्नित किया जाएगा, जो मुख्य गांव या बस्ती से काफी दूर स्थित हैं। उन्हें मतदान क्षेत्र के अंतर्गत सुविधाजनक भवनों में स्थापित किया जाएगा, ताकि मतदाताओं को लगभग दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करनी पड़े। जिन मतदेय स्थलों के भवन ठीक हैं और जहां मतदाताओं को दो किलोमीटर से अधिक दूरी नहीं चलनी पड़ती, उनकी स्थिति में अनावश्यक बदलाव नहीं किया जाएगा। यदि किसी मतदेय स्थल के अपने मतदान क्षेत्र में उपयुक्त भवन उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे बाहर स्थापित किया गया है और अब क्षेत्र के भीतर भवन उपलब्ध हो गया है, तो उसे वहां स्थानांतरित किया जाएगा। भौतिक सत्यापन में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के बाहर स्थित पाए जाने वाले मतदेय स्थलों को भी संबंधित विधानसभा क्षेत्र के भीतर स्थापित किया जाएगा।


जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी मतदेय स्थलों को यथासंभव भवनों के भूतल पर स्थापित करने, दिव्यांग एवं अशक्त मतदाताओं की सुविधा के लिए रैंप की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आवश्यक न्यूनतम सुविधाएं (एएमएफ) उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। किसी भी राजनीतिक दल या श्रमिक संगठन के कार्यालय से 200 मीटर के भीतर मतदेय स्थल स्थापित नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, मतदेय स्थलों के संबंध में राजनीतिक दलों से प्राप्त शिकायतों और सुझावों की जांच कर उनका उचित निस्तारण किया जाएगा। लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 के दौरान या उसके बाद प्राप्त शिकायतों का भी परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रवार मतदेय स्थलों को क्रमवार सीरियल नंबर दिए जाएंगे और नई सूची में कोई सहायक (ऑक्जिलरी) मतदेय स्थल शामिल नहीं किया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित लोगों से अपील की है कि प्रकाशित आलेख्य सूची का अवलोकन कर निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुरूप कोई संशोधन, आपत्ति या सुझाव हो तो उसे 26 अक्टूबर 2026 से पूर्व जिला निर्वाचन कार्यालय अथवा संबंधित उप जिलाधिकारी कार्यालय में उपलब्ध करा दें, ताकि प्रस्तावों पर नियमानुसार विचार किया जा सके।