
दुष्कर्म व पॉक्सो मामले में 25 साल की कोर्ट ने सुनाई सजा, 40 हजार रुपए का लगाया अर्थदंड
बलिया। नाबालिग को बहला-फुसलाकर महाराष्ट्र ले जाकर शादी करने और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने अभियुक्त को 25 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं जमा करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।



पुलिस के अनुसार थाना भीमपुरा थाने में दर्ज धारा 137(2), 87, 65(1) बीएनएस तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5L/6 के तहत अभियुक्त विशाल उर्फ गोविन्द यादव पुत्र शिवनाथ यादव निवासी छितौनी, थाना रसड़ा, बलिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में बलिया पुलिस की मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, कोर्ट संख्या-08 ने अभियुक्त को दोषी पाते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत अभियुक्त को 25 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। वहीं धारा 137(2) बीएनएस में पांच वर्ष का सश्रम कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 87 बीएनएस में सात वर्ष का सश्रम कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। दोनों धाराओं में अर्थदंड न देने पर छह-छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
यह था मामला…
20 अगस्त 2025 को वादिनी समूह का पैसा जमा करने बैंक गई थी। इसी दौरान अभियुक्त उसकी 15 वर्षीय नाबालिग पुत्री को बहला- फुसलाकर महाराष्ट्र ले गया। आरोप है कि वहां उसने नाबालिग से शादी कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। सूचना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना पूरी की और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।