बलिया के दुमदुमा में सरकारी आवास पर यादव परिवार का कब्जा, दिव्यांग कल्याण अधिकारी मेहरबान

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बलिया के दुमदुमा में सरकारी आवास पर यादव परिवार का कब्जा, दिव्यांग कल्याण अधिकारी मेहरबान

छह करोड़ की लागत से बना है समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय स्टाफ आवास

हैंडओवर के बाद भी सरकारी आवास में नहीं रहते कर्मचारी

20 से 25 कर्मचारियों के लिए बना है तीन मंजिला आवास

श्रवण कुमार पांडेय

(एक्सक्लुसिव खबर)

बलिया। फेफना विधान सभा क्षेत्र के दुमदुमा गांव के पंचायत भवन के पास करीब छह करोड़ की लागत से बने समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय स्टाफ आवास में दिव्यांग कल्याण अधिकारी के कृपा पात्र से यादव परिवार का कब्जा है। कारण की इसमें कोई भी विभाग का कर्मचारी या छात्रावास अधीक्षक निवास नहीं करता है। जबकि यह भवन संबंधित कार्यदाई संस्था द्वारा विभाग को हैंडओवर कर दिया गया है। यह बिल्डिंग तीन मंजिला है। जिसमें 20 से 25 कर्मचारियों का परिवार रह सकता है।

शासन ने बलिया जिले के फेफना विधान सभा क्षेत्र के दुमदुमा गांव में करीब तीन वर्ष पूर्व दो तीन मंजिला समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय स्टाफ आवास व एक छात्रावास अधीक्षक आवास बनाने के लिए करीब छह करोड़ रुपया (सीएनडीएस) को स्वीकृति किया था। जिसका निर्माण कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएनडीएस) ने किया और वर्ष 2026 में दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग को हैंडओवर कर दिया।लेकिन इस भवन में छात्रावास अधीक्षक या कोई कर्मचारी निवास नहीं करता है, बल्कि इस नवनिर्मित सरकारी आवास में दिव्यांग कल्याण अधिकारी के कृपा पात्र से एक यादव परिवार कब्जा करके रहता है और भवन से लेकर बिजली तक का उपयोग करता है। जिसकी भुगतान संबंधित विभाग को करना पड़ता है।

सवाल यह उठता है कि क्या यह भवन सरकारी कर्मचारियों के लिए बना है या प्राइवेट लोगों के लिए। आपको बता दें कि वर्तमान में दो शिक्षक और पांच कर्मचारी तैनात है। लेकिन इसमें से कोई भी व्यक्ति इस आवास में नहीं रहता है। अगर ऐसे ही विभाग कुंभकर्णी निद्रा में सोता रहा तो आने वाले दिनों में इस भवन पर गांव के प्राइवेट लोगों का कब्जा हो जाएगा और विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मुक्त दर्शक बने रह जाएंगे। जानकारी के अनुसार दिव्यांग कल्याण अधिकारी गाजीपुर को बलिया में सोमवार, मंगलवार व बुधवार के लिए संबद्ध किया गया है। लेकिन वह आवास तो देखना दूर अपने कार्यालय में भी नहीं पहुंचते हैं। जिसके चलते फरियाद लेकर पहुंचे दिव्यांगजन घंटों इंतजार करने के बाद बैरंग वापस लौट जाते हैं।

दुमदुमा गांव में चलता है छह से 12वीं तक दिव्यांग स्कूल

शासन द्वारा फेफना विधान सभा के दुमदुमा गांव में दिव्यांग छात्र और छात्राओं के पढ़ने के लिए स्कूल का निर्माण कराया गया है। जिसमें वर्ष 2025 -26 से छह से 12वीं तक की पढ़ाई की जाती है। वर्तमान में दो शिक्षक और पांच अन्य कर्मचारी तैनात है। जबकि शिक्षक व कर्मचारी मिलाकर कुल 25 का मानक है।

50 -50 छात्र -छात्राओं के लिए बना बंद पड़ा है छात्रावास

शासन ने दिव्यांगजन छात्र-छात्राओं के पढ़ाई – लिखाई से लेकर रहने तक को ध्यान में रखते हुए स्कूल से लेकर छात्रावास तक का निर्माण कराया है। ताकि किसी प्रकार की छात्र – छात्राओं को कोई असुविधा न हो। लेकिन 50 छात्र और 50 छात्राओं के रहने के लिए बना छात्रावास आज तक खुला ही नहीं। जिसके चलते दिव्यांगजन छात्र – छात्राओं को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

आवास आवंटन के अभाव में स्कूल में शिक्षक व कर्मचारी रहने को मजबूर

दिव्यांगजन स्कूल, छात्रावास, शिक्षक व कर्मचारी आवास के लिए कुल 25 का मानक है। वर्तमान में दो शिक्षक व अन्य पांच कर्मचारी तैनात है। आवास आवंटन के अभाव में शिक्षक व कर्मचारी स्कूल में रहने को मजबूर है। सवाल यह उठता है कि जब कार्यदाई संस्था द्वारा विभाग को आवास हैंडओवर कर दिया गया है तो शिक्षक व कर्मचारियों को आवास उपलब्ध क्यों नहीं करा रहा।

स्कूल, छात्रावास व आवास तक जाने के लिए कच्चा है मार्ग

शासन द्वारा दिव्यांगजन छात्र-छात्राओं के पढ़ाई लिखाई व रहने के लिए ध्यान में रखते हुए दुमदुमा गांव में करीब छह करोड़ की लागत से भवन तैयार किया गया है। लेकिन वहां तक जाने के लिए मार्ग का निर्माण नहीं कराया गया है। यहां तक जाने के लिए आज भी कच्चा मार्ग है। जिस पर घास -फूस उगे हुए हैं। यही नहीं इस मार्ग से दुमदुमा गांव जाने वाले लोग भी आवागमन करते हैं। इस मार्ग पर ना क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और नहीं शासन – प्रशासन का ही ध्यान है। इसके कारण यह उपेक्षा का दंश झेल रहा है।

वर्जन

शिक्षक व कर्मचारी आवास में कार्यदाई संस्था के ठेकेदार द्वारा देखने के लिए एक यादव को रखा गया था जो अभी देखरेख करने के लिए वहां रहते हैं। शिक्षक के अभाव में आवास का आवंटन नहीं हो पा रहा है। शिक्षकों की नियुक्ति निदेशालय स्तर से होती है। जिसके लिए यहां से पत्राचार किया गया है। वर्तमान में दो शिक्षक व अन्य पांच कर्मचारी तैनात है।

पारस नाथ यादव

दिव्यांगजन सशक्तिकरण कल्याण अधिकारी, बलिया

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