गंगा में बही महिला को मिली नई जिंदगी, बिहार से यूपी के बलिया पहुंची महिला

Spread the love

गंगा में बही महिला को मिली नई जिंदगी, बिहार से यूपी के बलिया पहुंची महिला

‘शिवगुरु-शिवगुरु’ पुकारती रही 55 वर्षीय सुनैना, मल्लाहों ने डूबने से बचाया, थाने पहुंचते ही परिजनों की आंखों से छलके आंसू

बलिया। बिहार के बक्सर जिले से गंगा की तेज धारा में बहकर बलिया के हल्दी थाना क्षेत्र में पहुंची 55 वर्षीय सुनैना देवी की कहानी किसी फिल्मी घटना से कम नहीं है। कई दिनों तक बाढ़ के पानी के बीच परवल के खेत में बनी झोपड़ी में जिंदगी और मौत से जूझने के बाद सोमवार को जब वह मदद की तलाश में निकलीं तो गहरे पानी में डूबने लगीं। इसी दौरान मछली पकड़ रहे मल्लाहों की नजर उन पर पड़ गई। मल्लाहों ने तत्परता दिखाते हुए महिला को सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया। पानी से निकलने के बाद सुनैना लगातार ‘शिवगुरु-शिवगुरु’ पुकारती रहीं।


जानकारी के अनुसार बक्सर जिले के कपुरपट्टी गांव निवासी जनार्दन गोंड की पत्नी सुनैना देवी कुछ दिन पहले गंगा में स्नान करने के दौरान तेज धारा की चपेट में आकर बह गई थीं। बहते-बहते वह हल्दी थाना क्षेत्र के चैन छपरा गांव के सामने पहुंच गईं। यहां बाढ़ के पानी से चारों तरफ घिरी परवल के खेत में बनी एक झोपड़ी उन्हें दिखाई दी। किसी तरह वह झोपड़ी तक पहुंचीं और उसमें शरण लेकर अपनी जान बचाई। बताया जा रहा है कि कई दिनों तक सुनैना उसी झोपड़ी में फंसी रहीं। खाने-पीने का कोई साधन नहीं था। ऐसे में उन्होंने गंगा का पानी पीकर किसी तरह दिन गुजारे। सोमवार की सुबह उन्होंने झोपड़ी से निकलकर सुरक्षित स्थान की ओर जाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ दूर आगे बढ़ते ही गहरे पानी में डूबने लगीं। इसी बीच आसपास मछली पकड़ रहे मल्लाहों ने महिला की आवाज सुनी और उन्हें पानी से बाहर निकाल लिया।


सूचना मिलने पर हल्दी पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को थाने ले आई। पहचान होने के बाद पुलिस ने उनके परिजनों को सूचना दी। उधर, सुनैना के लापता होने के बाद बक्सर में उनकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई गई थी। उनके तीनों बेटे राजू गोंड, जितेंद्र गोंड और कमलेश गोंड कई दिनों से मां की तलाश में जुटे थे।
मां के बलिया में सुरक्षित मिलने की खबर मिलते ही पति जनार्दन गोंड, तीनों बेटे, पड़ोसी और रिश्तेदार हल्दी थाने पहुंच गए। थाने में जैसे ही परिजनों की नजर सुनैना पर पड़ी, उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। मां-बेटे एक-दूसरे से लिपटकर रोने लगे। लंबे समय बाद अपनों से मिलकर सुनैना भी भावुक हो उठीं। थानाध्यक्ष राजू कुमार राय ने बताया कि गंगा की तेज धारा में बहकर आई महिला को सुरक्षित बचा लिया गया है। आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद महिला को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *