
निजी विद्यालयों की समस्याओं को लेकर 11 सूत्रीय मांग-पत्र सांसद रमाशंकर को सौंपा
मुख्यमंत्री तक मांगें पहुंचाकर प्रभावी पैरवी का किया अनुरोध
बलिया। निजी विद्यालयों एवं विद्यालय प्रबंधकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ ने सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद रमाशंकर राजभर उर्फ विद्यार्थी को 11 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा। संघ के पदाधिकारियों ने सांसद से मांग-पत्र को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष प्रस्तुत कर शासन स्तर पर प्रभावी पैरवी करने का अनुरोध किया।



ज्ञापन में कहा गया कि निजी विद्यालयों के संचालन में विभागीय और प्रशासनिक स्तर पर कई ऐसी कठिनाइयां सामने आती हैं, जिनका व्यवहारिक समाधान जरूरी है। संघ ने विद्यालयों की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाने की मांग उठाई। संघ की प्रमुख मांगों में 15 मीटर से कम ऊंचाई वाले विद्यालय भवनों के लिए फायर एनओसी की अनिवार्यता समाप्त करने, नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी कक्षाओं को U-DISE में शामिल करने तथा विद्यार्थियों के प्रवेश एवं विवरण में संशोधन का अधिकार विद्यालयों को देने की मांग शामिल है।



इसके अलावा निजी विद्यालय प्रबंधकों को 10 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, नियमित रूप से संचालित विद्यालयों को अनावश्यक औपचारिकताओं के बिना स्थायी मान्यता प्रदान करने और विद्यालय वाहनों के लिए परिवहन नियमों में व्यवहारिक छूट देने की मांग की गई। नवीन मान्यता के लिए खेल मैदान तथा 30 फीट सड़क से संबंधित मानकों में भी संशोधन की मांग संघ ने रखी।
मांग-पत्र में सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों को प्राथमिकता के आधार पर U-DISE कोड उपलब्ध कराने, APAAR ID बनाने की अनिवार्यता विद्यालयों के स्थान पर अभिभावकों की जिम्मेदारी करने, बीएसए कार्यालय में हस्ताक्षर सत्यापन की प्रक्रिया को सरल बनाने तथा विद्यालय प्रबंधकों को सत्यापन की सुविधा देने की मांग भी की गई। संघ ने RTE के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि को 450 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह करने और इसका 12 माह के आधार पर समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने की मांग उठाई। साथ ही हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की मान्यता में भूमि संबंधी मानकों की पुनर्समीक्षा, विद्यालयों पर Commercial के स्थान पर Domestic विद्युत दर लागू करने तथा सोलर प्लांट लगाने पर 75 प्रतिशत सब्सिडी देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. गोस्वामी गौरव भारती ने कहा कि निजी विद्यालय शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। विद्यालय प्रबंधकों की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान होने से विद्यालयों के संचालन में सुगमता आएगी और इसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा। उन्होंने सांसद से संघ की मांगों को शासन तक पहुंचाकर उनके समाधान के लिए प्रभावी पहल करने की अपील की। सांसद रमाशंकर राजभर उर्फ विद्यार्थी ने संघ के मांग-पत्र को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने तथा संबंधित स्तर पर आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर संतोष कुमार उपाध्याय, राजेश सोनी, जय प्रकाश यादव, संजय चौहान, कामता यादव, उमेश यादव, श्याम नारायण पांडेय सहित अन्य लोग मौजूद रहे।