



कनैला में छठियार महोत्सव की धूम, भक्ति गीतों से रातभर गूंजा गांव
100 साल पुरानी डोल परंपरा ने बढ़ाई महोत्सव की रौनक, भजन- सोहर और भोजपुरी गीतों पर झूमे श्रद्धालु

गड़वार। क्षेत्र के कनैला गांव में कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में प्राचीन पोखरा स्थित काली माता मंदिर के पास छठियार महोत्सव एवं भव्य डोल मेले का आयोजन किया गया। धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में देर रात तक भक्ति गीत, देवी गीत, सोहर और भोजपुरी गीतों की प्रस्तुतियां होती रहीं। कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को देर रात तक बांधे रखा।



कार्यक्रम का शुभारंभ गायक छोटू लाल यादव ने देवी गीत ‘बनी जा सहारा माई’ से किया। इसके बाद भजन, सोहर और भोजपुरी गीतों की प्रस्तुतियों ने खूब तालियां बटोरीं। गायिका मुस्कान राज बागी ने देवी गीत और सोहर प्रस्तुत कर समां बांध दिया। वहीं साथी कलाकार मधु राज, जितेंद्र लाल यादव, नेहा राजा और संजय सरग ने भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया।
समाजसेवी विनोद गुप्ता ने बताया कि कनैला में करीब 100 वर्षों से डोल रखने की परंपरा चली आ रही है। कृष्ण जन्म के छठवें दिन कान्हा जी को डोल में विराजमान कर गांव का भ्रमण कराया जाता है। इसके बाद पोखरे में झिंझरी खेलने की परंपरा निभाई जाती है, जिसमें महिलाएं पारंपरिक गीत गाती हैं। महोत्सव के दौरान लगे मेले में झूले, मनोरंजन के साधन और विभिन्न दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ी रही। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने मेले का आनंद लिया। आयोजन को सफल बनाने में बृजेश गुप्ता, बंटी गुप्ता, पप्पू गुप्ता, मन्नू वर्मा, मुनमुन समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों का विशेष सहयोग रहा।