
बैटरी साइकिल से ज्योति के सपनों को मिली उड़ान, अब शिक्षक बनने की राह होगी आसान
आठवीं के बाद छूटी पढ़ाई, डीएम की पहल से फिर स्कूल जाएगी दिव्यांग ज्योति
ज्योति की पुकार पर पहुंचे डीएम, पढ़ाई के सपने को मिली नई उम्मीद
डीएम ने दिव्यांग ज्योति को दी बैटरी साइकिल, स्कूल में दाखिल कराने के दिए निर्देश
डीएम पहुंचे ज्योति के घर, बैटरी साइकिल के साथ मिला दिव्यांगता प्रमाण पत्र



बलिया। सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम महुलानपार की 19 वर्षीय दिव्यांग युवती कुमारी ज्योति के शिक्षक बनने के सपने को अब नई उम्मीद मिली है। दोनों पैरों से दिव्यांग ज्योति की पढ़ाई आठवीं कक्षा के बाद विद्यालय आने-जाने की सुविधा के अभाव में छूट गई थी। हाल ही में उसकी परेशानी सामने आने के बाद जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मामले का संज्ञान लिया और रविवार को स्वयं उसके गांव पहुंचकर ज्योति से मुलाकात की।



जिलाधिकारी ने ज्योति और उसके माता- पिता गुलाब चन्द्र प्रसाद एवं श्रीमती देवन्ती देवी से मुलाकात कर उसकी दिव्यांगता, पढ़ाई और पारिवारिक परिस्थितियों की जानकारी ली। बातचीत के दौरान ज्योति ने बताया कि यदि उसे स्कूल आने-जाने के लिए साधन मिल जाए तो वह दोबारा पढ़ाई शुरू करना चाहती है। उसका सपना पढ़- लिखकर शिक्षक बनने का है। जिलाधिकारी ने ज्योति का उत्साह बढ़ाते हुए उसे चॉकलेट, स्कूल बैग, बैटरी वाली साइकिल और हेलमेट एवं अन्य सामग्री प्रदान किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुमारी ज्योति का विद्यालय में दाखिला कराने को कहा, ताकि उसकी पढ़ाई दोबारा शुरू हो सके। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि कुमारी ज्योति के लिए शौचालय तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने मौके पर ही कुमारी ज्योति को दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। जिलाधिकारी की इस पहल से ज्योति और उसके परिवार में खुशी का माहौल है। अब बैटरी साइकिल मिलने के बाद विद्यालय तक पहुंचने की उसकी सबसे बड़ी समस्या दूर होने की उम्मीद है। ज्योति के शिक्षक बनने के सपने को साकार करने के लिए प्रशासन की ओर से की गई पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस अवसर पर एसडीएम सिकंदरपुर, सीएमओ डॉ. अभय कुमार राय, बीडीओ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।