
नगर से सटे मिड्ढा गांव स्थित तीन विद्युत पोल में उतर रहा करंट, खतरे को दे रहा दावत, प्लास्टिक बांधकर ग्रामीणों ने की सुरक्षा
मोटी केबल के अभाव में दर्जनों की तादाद में लोग अपने घरों तक खींचकर ले गए हैं केबल
विद्युत विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बड़े हादसे का कर रहे इंतजार



बलिया। कहा जाता है कि आईना झूठ नहीं बोलता…। ऐसा ही कारनामा बलिया शहर से सटे मिड्ढा गांव के बाजार व सेंट जान स्कूल के सामने देखने को मिल रही है। जहां बिजली विभाग की घोर लापरवाही देखने को मिल रही है। लोग सुरक्षा के दृष्टि से विद्युत पोल में उतर रहे करंट से बचने के लिए प्लास्टिक की बोरी व प्लास्टिक पोल में बांधे हुए है। लेकिन विद्युत विभाग के अधिकारी व कर्मचारी किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहे हैं। जनपद में विद्युत विभाग के लापरवाही के चलते जीराबस्ती, बांसडीह व सिकंदरपुर क्षेत्र में घटना घटित हो चुकी है। बावजूद विद्युत विभाग लापरवाह बना हुआ है।



जानकारी के अनुसार मिड्ढा गांव स्थित महेंद्र केसरी और हरेराम पांडेय के मकान के पास लगे विद्युत पोल में करंट आए दिन उतर जाता है। पिछले माह महेंद्र केसरी के पास स्थित विद्युत पोल की चपेट में एक लड़का आ गया था। संयोग अच्छा था कि लाइट कट गई, अन्यथा कुछ और ही हो गया होता। यही हाल हरेराम पांडेय के मकान के पास स्थित विद्युत पोल का है। जहां करंट उतर आता है। इन दोनों पोलों में लोगों ने सुरक्षा के दृष्टिगत प्लास्टिक बाँध रखा है। इसके अलावा सेंट जान कॉन्वेंट स्कूल के सामने विद्युत पोल के सहारे केबल के अभाव में लोग अपना अपना केबल दर्जनों की तादात में खींचकर अपने घरों तक ले गए है। जिससे पोल में करंट उतर आता है। मोटी केबल लगाने के लिए लोगो ने कई बार शिकायत किया। लेकिन विद्युत विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रहा है। वह इसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। जबकि बगल में स्कूल संचालित होता है जिसमें सैकड़ो की तादात में बच्चे पढ़ने आते हैं। ग्रामीण योजना जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए पोलो में उतर रहे करंट को तत्काल दुरुस्त तथा मोटी केबल खींचने की मांग की है।