
मुश्किलों से जूझ रही रागिनी के घर पहुंचे डीएम, पढ़ाई और इलाज का दिया आश्वासन
किताबें व दो ट्राईसाइकिल देकर बढ़ाया हौसला, गांव की सड़क सुधारने के निर्देश
बलिया। मनियर ब्लॉक के दिघेड़ा ग्रामसभा के रानीपुर गांव की सात वर्षीय रागिनी के पढ़ाई के सपने को पंख देने के लिए जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह बुधवार को उसके घर पहुंचे। एक पैर से दिव्यांग रागिनी शारीरिक परेशानी के बावजूद पढ़ाई जारी रखने का जज्बा रखती है। उसकी स्थिति की जानकारी मिलने पर डीएम ने गांव पहुंचकर बच्ची और उसके परिवार से मुलाकात की।



रागिनी प्राथमिक विद्यालय दिघेड़ा में कक्षा एक की छात्रा है। डीएम ने उसकी मां बबीता देवी और दादा से बातचीत कर बच्ची की समस्या और जरूरतों की जानकारी ली। इसके बाद रागिनी से आत्मीयता से बातचीत करते हुए उसकी पढ़ाई के बारे में पूछा। डीएम ने रागिनी को पढ़ाई के लिए किताबें और अन्य जरूरी सामग्री अपने हाथों से प्रदान की। स्कूल आने-जाने में हो रही परेशानी को देखते हुए उन्होंने बच्ची को दो ट्राईसाइकिल भी उपलब्ध कराई। इससे अब रागिनी को विद्यालय पहुंचने में सहूलियत मिलेगी।



जिलाधिकारी ने परिवार को आश्वस्त किया कि रागिनी की पढ़ाई में किसी तरह की बाधा नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने बच्ची की मेडिकल जांच कराने और पैर की समस्या का बेहतर इलाज कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इस दौरान डीएम ने गांव की खराब सड़क की स्थिति देखकर नाराजगी जताई और अधिकारियों को जल्द मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी को गांव में विशेष कैंप लगाकर दिव्यांगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के भी निर्देश दिए। डीएम ने बताया कि रागिनी के घर शौचालय निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। प्रशासन की इस पहल से रागिनी और उसके परिवार में खुशी का माहौल है। इस अवसर पर सीएमओ डॉ. अभय कुमार राय, बीएसए मनीष कुमार सिंह, डीपीआरओ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।