
सरयू कटान पीड़ित ग्रामीणों ने तहसील पर शुरू किया आमरण अनशन
खेतों व मकानों का मुआवजा देने, कटान प्रभावित गांवों को बचाने तथा ठोकर निर्माण में भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय हो जांच





बलिया। सरयू नदी के कटान से सैकड़ों किसानों की जमीन नदी में समाहित होने के बाद मुआवजे की मांग को लेकर सोमवार को सुल्तानपुर, महराजपुर, भोजपुरवा और चांदपुर के ग्रामीणों ने पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति के संयोजक एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य नागेंद्र बहादुर सिंह ‘झुन्नू’ के नेतृत्व में आमरण अनशन शुरू किया। जिसकी शुरुआत सुल्तानपुर निवासी निर्भय नारायण सिंह ने उन्हें माला पहनाकर कराई। ग्रामीणों ने नदी में समाहित खेतों व मकानों का मुआवजा देने, कटान प्रभावित गांवों को बचाने तथा ठोकर निर्माण में कथित भ्रष्टाचार व अनियमितता की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।

झुन्नू सिंह ने कहा कि प्रभावित किसानों की जमीन नदी में समाहित होने के बावजूद उन्हें मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने सत्यापन के नाम पर अवैध वसूली और गलत रिपोर्ट लगाने का भी आरोप लगाया। कहा कि मुआवजा मिलने तक आमरण अनशन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि महराजपुर गांव को कटान से बचाने के लिए सरकार ने नौ करोड़ रुपये दिए थे, लेकिन निर्माण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितता और घटिया गुणवत्ता के कारण अधिकांश ठोकरें नदी की धारा में बह गईं। वहीं, निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि सुल्तानपुर, भोजपुरवा, महराजपुर और चांदपुर गांवों पर कटान का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाकर गांवों और किसानों की जमीन बचाने तथा प्रभावितों को मुआवजा दिलाने की मांग की। इस मौके पर प्रभात मौर्य, मनोज शाह, वीरेंद्र यादव, मुनीब यादव, शशिकांत मौर्य, शिवजी सिंह, आदित्य प्रताप योगी, लव सिंह, अशोक सिंह, परमात्मा वर्मा, विजय सिंह, आदित्य सिंह, कन्हैया शर्मा, वीरेंद्र पाल आदि मौजूद रहे।