रक्षाबंधन के दिन महावीर झंडा जुलूस में दिव्य प्रदर्शन करेंगी नारी शक्ति, तैयारी जोरो पर

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श्रवण कुमार पांडेय

रक्षाबंधन के दिन महावीर झंडा जुलूस में दिव्य प्रदर्शन करेंगी नारी शक्ति, तैयारी जोरो पर

पहली बार महावीर झंडा जुलूस में डमरू और झाल बजाती दिखेगी बच्चियां

बलिया। बदलते परिवेश में जहां रील बनाने में युवा पीढ़ी व्यस्त हैं। वहीं, शहर के राजपूत नेवरी हनुमान मंदिर पर बेटियां डमरू व झाल बजाने की कला को गुरु अभय पटेल शास्त्रीय के सानिध्य में सीख रही हैं। जिसका सपोर्ट उनके घर वाले भी के रहे है। सबसे बड़ी बात यह है कि कोई उचित स्थान नहीं होने के कारण प्रशिक्षण को खासे परेशानी हो रही है। इसके लिए लड़के व लड़कियों ने जिला प्रशासन से कही उचित स्थान प्रशिक्षण हेतु मांग की है।

धर्म व आस्था से जुड़े इस कला का प्रदर्शन बेटिया रक्षा बंधन पर्व पर नगर में निकलने वाले महावीरी झंडा जुलूस में करेंगी। इसके लिए 17 बेटियां प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। उनकी इस कला व सीखने की ललक को देखते हुए परिवार के सदस्य भी अनुमति प्रदान कर दिए हैं। सामूहिक रूप से डमरू व झाल नगर के राजपूत नेवरी हनुमान मंदिर पर शाम छह से रात आठ बजे तक सीख रही है। इनके गुरु और श्री भृगु क्षेत्र भक्त मंडल (डमरू दल) के संस्थापक अभय पटेल शास्त्रीय सीखाने का काम कर रहे हैं। पहली बार महावीरी झंडा जुलूस में बच्चियां डमरू व झाल समूह में एक धुन में बजाती नजर आएंगे। यह बच्चियां मद्रासी परिधान में डमरू के साथ दिखेंगी। उधर श्री भृगु क्षेत्र भक्त मंडल (डमरू दल) में 55 बच्चे जनवरी 2022 से डमरू व झाल का प्रशिक्षण लेकर प्रत्येक महाशिवरात्रि सहित अनेको कार्यक्रम में प्रतिभा करने का काम करते हैं। इनका प्रशिक्षण रात 9 से 10:30 बजे रात्रि तक भृगु बाबा मंदिर परिसर में गुरु अभय पटेल शास्त्रीय द्वारा दिया जाता है।

प्रशिक्षण लेने वाली क्या कहती है बेटिया…

प्रीति यादव ने बताया महाशिवरात्रि के जुलूस में डमरू दल को देखा था। इसके बाद मन में सीखने की ललक जगी और टीम के गुरु से संपर्क किया। आज उनके सानिध्य में प्रशिक्षण लेने का काम कर रही हूं।

संजना कुमारी ने बताया कि इंस्टाग्राम और फेसबुक पर देखने के बाद मन में डमरू बजाने की जिज्ञासा जगी। इसके बाद टीम के लीडर से संपर्क किया। आज उनके सानिध्य में प्रशिक्षण ले रही हूं।

शिल्पी ने बताया कि शिव बारात डमरू को बजाते देखा था। इसके बाद अपने माता-पिता से सीखने की इच्छा जाहिर की। उनके द्वारा सीखने की अनुमति प्रदान की गई। आज मैं प्रशिक्षण ले रही हूं।

अंजली कुमारी ने बताया कि शिव बारात में डमरू को बजाते देख बहुत अच्छा लगा था, उसके बाद घर वालों से बात की। घर वालों की सपोर्ट मिलने के कारण गुरु अभय पटेल शास्त्री के सानिध्य में वर्ष 2024 से सीख रही हूं।

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