
एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में चार दोषियों को तीन-तीन वर्ष की सजा
बलिया। उत्तर प्रदेश पुलिस के “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत बलिया पुलिस की प्रभावी पैरवी रंग लाई। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल एवं अभियोजन विभाग की सशक्त पैरवी के चलते थाना नगरा में वर्ष 2010 में दर्ज एक मामले में न्यायालय ने चार अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास और 12-12 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट, बलिया ने थाना नगरा के मुकदमा अपराध संख्या 278/2010 में अभियुक्त राम भगत यादव, लालजी राजभर, रंजू राजभर और अरविंद राजभर (सभी निवासी पड़ही, थाना नगरा) को भारतीय न्याय संहिता की तत्कालीन धाराओं 323, 336, 342, 504, 506 तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(X) में दोषी पाया।
न्यायालय ने धारा 323 में छह माह, धारा 336 में एक माह, धारा 342 में छह माह, धारा 504 में एक वर्ष, धारा 506 में दो वर्ष तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(X) में तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही कुल 12 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
क्या था मामला
अभियोजन के अनुसार, अभियुक्तों ने वादी को रात में सोते समय उठा लिया था। इसके बाद लाठी-डंडों से मारपीट कर गंभीर रूप से घायल किया और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित की तहरीर पर थाना नगरा में मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप न्यायालय ने सभी चारों अभियुक्तों को दोषसिद्ध कर दंडित किया।