
कामजी गौड़ प्रकरण: दो पुलिसकर्मी निलंबित, मजिस्ट्रियल जांच शुरू; 24 जुलाई तक मांगे गए साक्ष्य
बलिया। रेवती थाना क्षेत्र के चर्चित मारपीट प्रकरण में जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी है। इस मामले में तत्कालीन उपनिरीक्षक सचिन सरोज और आरक्षी अंकित सिंह को पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
अपर जिला मजिस्ट्रेट अनिल कुमार ने बताया कि थाना रेवती पर दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 213/2026 की मजिस्ट्रियल जांच उनके द्वारा की जाएगी। मुकदमा ग्राम गायघाट निवासी विशाल गोड की तहरीर पर दर्ज किया गया है। आरोप है कि 7 जुलाई 2026 को खेदन चौराहे स्थित एक मीट की दुकान पर हुए विवाद के बाद 8 जुलाई को वादी के पिता को थाना रेवती लाकर उपनिरीक्षक सचिन सरोज और आरक्षी अंकित सिंह ने मारपीट की।
पुलिस अधीक्षक के अनुरोध पर जिला मजिस्ट्रेट ने 14 जुलाई 2026 के आदेश के तहत अपर जिला मजिस्ट्रेट को जांच अधिकारी नामित किया है। उन्हें पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर अपनी आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
अपर जिला मजिस्ट्रेट ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस मामले से संबंधित कोई साक्ष्य, दस्तावेज या जानकारी हो तो वह 24 जुलाई 2026 तक किसी भी कार्यदिवस में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच अपर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय/कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष एवं साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है।