
हरेराम चौधरी का निधन सामाजिक एवं राजनीतिक क्षति: रामगोविंद
पूर्व अध्यक्ष एवं लोकतंत्र सेनानी स्वर्गीय हरेराम चौधरी के निधन पर सपा ने जताया शोक
बलिया। नगर पालिका परिषद बलिया के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकतंत्र सेनानी स्वर्गीय हरेराम चौधरी के निधन पर समाजवादी पार्टी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे जनपद की सामाजिक एवं राजनीतिक क्षति बताया है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी ने अपने शोक संदेश में कहा कि “हरे राम चौधरी से मेरा संबंध विद्यार्थी जीवन से ही था। आपातकाल के दौरान हम दोनों एक साथ जेल में भी रहे। हमारी राजनीतिक विचारधाराएँ भले ही अलग थी, लेकिन हमारे पारिवारिक एवं आत्मीय संबंध सदैव अपनेपन से भरे रहे। उनका निधन मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”
बलिया लोकसभा सांसद सनातन पाण्डेय ने कहा कि “हरे राम चौधरी एक कुशल राजनीतिज्ञ, सरल व्यक्तित्व के धनी एवं सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाले जननेता थे। संबंधों को निभाने की उनकी शैली सदैव अनुकरणीय रहेगी।”
समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील पाण्डेय ‘कान्हजी’ ने कहा कि “स्वर्गीय हरे राम चौधरी से मेरे परिवार का संबंध पीढ़ियों पुराना था। एक ही क्षेत्र का होने के कारण बचपन से ही उन्हें निकट से जानने और उनके स्नेह का अवसर मिला। उनका व्यवहार अत्यंत मधुर, सरल एवं आत्मीय था। उनका निधन मेरे लिए भी व्यक्तिगत दुःख का विषय है।”
पूर्व अध्यक्ष यशपाल सिंह ने कहा कि स्व. हरे राम चौधरी शतप्रतिशत राजनीतिक व्यक्ति थे समाज के सभी वर्गों से स्नेह रखते थे। शोक व्यक्त करने वालों में सर्वश्री डॉ. विश्राम यादव, बीरबल राम, मदन राय, जितेंद्र यादव, शैलेश सिंह सहित समाजवादी पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल रहे।