पुलिस पिटाई से मौत के आरोप में कामजी गोंड प्रकरण गरमाया, आक्रोशित ग्रामीणों ने रेवती-बलिया मार्ग किया जाम

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श्रवण कुमार पांडेय

पुलिस पिटाई से मौत के आरोप में कामजी गोंड प्रकरण गरमाया, आक्रोशित ग्रामीणों ने रेवती-बलिया मार्ग किया जाम

बलिया। रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट निवासी 50 वर्षीय कामजी गोंड की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। परिजनों ने पुलिस पर बर्बर पिटाई का आरोप लगाते हुए कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है। शनिवार देर रात पुलिस निगरानी में शव गांव पहुंचने के बाद रविवार सुबह आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने करीब 10 बजे रेवती-बलिया मुख्य मार्ग जाम कर दिया। सूचना मिलते ही एएसपी दक्षिणी संजय वर्मा, एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी, सीओ बैरिया आलोक कुमार गुप्ता, सीओ मंजरी राव सहित पांच थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने परिजनों से वार्ता कर मामले की जानकारी ली। हालांकि अधिकारियों के समझाने के बाद करीब आधे घंटे बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया।

बताया जा रहा है कि सात जुलाई को गायघाट के खेदन चौराहे पर कामजी गोंड के पुत्र विशाल और गांव निवासी सूरज कनौजिया के बीच विवाद हुआ था। इस मामले में सूरज पक्ष की ओर से थाने में तहरीर दी गई थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस आठ जुलाई को विशाल को पूछताछ के लिए बुलाने उसके घर पहुंची, लेकिन वहां मौजूद उसके पिता कामजी गोंड को उठाकर थाने ले गई और उनके साथ मारपीट की गई। परिजनों के अनुसार पिटाई के बाद कामजी की हालत बिगड़ गई। उन्हें पहले सीएचसी रेवती ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल बलिया और फिर वाराणसी रेफर किया गया। वाराणसी में इलाज के दौरान शुक्रवार देर रात उनकी मौत हो गई। शनिवार को वाराणसी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया और देर रात शव गांव पहुंचाया गया।
मृतक की पत्नी कलावती देवी ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी उनके पति को घर से लेकर गए थे। उन्होंने बताया कि काफी मिन्नत करने के बाद भी पुलिस नहीं मानी और बाद में घायल अवस्था में उन्हें ठगनी माई के मठिया के पास छोड़ दिया गया, जहां से परिजन उन्हें अस्पताल लेकर गए।
मृतक की भांजी लक्ष्मी ने भी आरोप लगाया कि पुलिस कामजी को घर से थाने ले जाकर मारपीट करने के बाद मठिया के पास छोड़कर चली गई। वहीं मृतक के पुत्र विशाल की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। तहरीर में पुलिसकर्मियों सहित अन्य लोगों पर मारपीट कर गंभीर रूप से घायल करने का आरोप लगाया गया है। साथ ही पुनः पोस्टमार्टम कराने और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की गई है।

निष्पक्ष होगी जांच: एसडीएम
एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि विशाल और सूरज के बीच मारपीट का मामला था। पुलिस विशाल के पिता कामजी गोंड को पूछताछ के लिए थाने लेकर गई थी। पूछताछ के बाद उन्हें घर भेज दिया गया था। तबीयत खराब होने पर उन्हें सीएचसी और बाद में बीएचयू ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि परिजनों की मुख्य मांग निष्पक्ष जांच और आर्थिक सहायता की है। प्रशासन की ओर से मामले की जांच कराई जा रही है।

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