
विद्यार्थियों के दल को कुलपति प्रो. नरेन्द्र ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
जेएनसीयू के दीक्षोत्सव के तहत विद्यार्थियों का शैक्षणिक प्रवास, ऐतिहासिक स्थलों का किया भ्रमण
बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय (जेएनसीयू) के अष्टम दीक्षान्त समारोह के अंतर्गत आयोजित दीक्षोत्सव कार्यक्रम में एक दिवसीय शैक्षणिक प्रवास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व वाले स्थलों का भ्रमण कराया गया।
विश्वविद्यालय परिसर से विद्यार्थियों के दल को कुलपति प्रो. नरेन्द्र कुमार शुक्ल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शैक्षणिक प्रवास के दौरान विद्यार्थियों ने सर्वप्रथम बक्सर जिले के चौसा स्थित उस ऐतिहासिक स्थल का भ्रमण किया, जहां वर्ष 1539 में हुमायूं और शेरशाह सूरी के बीच युद्ध हुआ था। इस दौरान युद्ध के कारणों, परिस्थितियों, परिणामों और उसकी ऐतिहासिक प्रासंगिकता पर डॉ. अनुराधा राय, डॉ. शैलेन्द्र कुमार सिंह एवं डॉ. विजय शंकर पांडेय ने विद्यार्थियों से विस्तार से चर्चा की।
इसके बाद विद्यार्थियों ने गंगा तट स्थित रामरेखा घाट, महर्षि विश्वामित्र की तपस्थली, भगवान श्रीराम के पदचिह्न तथा श्रीराम द्वारा स्थापित श्री रामेश्वर नाथ मंदिर का दर्शन किया। इन स्थलों के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व से विद्यार्थियों को अवगत कराया गया। विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान डॉ. गुंजन कुमार एवं स्थानीय लोगों ने किया।
शैक्षणिक प्रवास के अगले चरण में विद्यार्थियों ने वर्ष 1764 में हुए बक्सर युद्ध स्थल का भ्रमण किया। यहां अंग्रेजों और अवध, बंगाल के नवाबों तथा मुगल सेना की संयुक्त सेना के बीच हुए युद्ध, उसके परिणाम एवं वर्तमान संदर्भ में उसकी प्रासंगिकता पर चर्चा की गई।
इस शैक्षणिक प्रवास में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के 22 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। दीक्षोत्सव कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. रजनी चौबे तथा सह समन्वयक डॉ. सौम्या तिवारी हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के प्रत्यक्ष अध्ययन का अवसर प्रदान करते हैं।