जेएनसीयू में ‘वर्तमान परिप्रेक्ष्य में चंद्रशेखर की प्रासंगिकता’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित

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जेएनसीयू में ‘वर्तमान परिप्रेक्ष्य में चंद्रशेखर की प्रासंगिकता’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित


बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय (जेएनसीयू) में अष्टम दीक्षान्त समारोह के अंतर्गत चल रहे दीक्षोत्सव कार्यक्रम के तहत ‘वर्तमान परिप्रेक्ष्य में चंद्रशेखर जी की प्रासंगिकता’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कुलपति प्रो. नरेन्द्र कुमार शुक्ल के संरक्षण तथा दीक्षोत्सव संयोजक डॉ. रजनी चौबे के मार्गदर्शन में हुआ।
प्रतियोगिता का उद्देश्य पूर्व प्रधानमंत्री एवं जननायक चंद्रशेखर जी के विचारों को विद्यार्थियों तक पहुंचाना, लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रनिर्माण की भावना और अभिव्यक्ति कौशल का विकास करना रहा। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और चंद्रशेखर जी के व्यक्तित्व, उनके लोकतांत्रिक आदर्शों, सामाजिक न्याय, राष्ट्रीय एकता एवं युवाओं के प्रति उनके दृष्टिकोण पर अपने विचार रखे।
कुलपति प्रो. नरेन्द्र कुमार शुक्ल ने कहा कि जननायक चंद्रशेखर जी का जीवन सत्यनिष्ठा, सादगी, राष्ट्रसेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में चिंतन, संवाद, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने में सहायक होते हैं।
प्रतियोगिता में कुल 15 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। जिसमें साक्षी सिंह (बीए एलएलबी पंचम सेमेस्टर) ने प्रथम, दीपिका तिवारी (बीए एलएलबी तृतीय सेमेस्टर) ने द्वितीय तथा संयुक्त रूप से संगीता यादव (एमए आधुनिक एवं मध्यकालीन इतिहास तृतीय सेमेस्टर), शाम्भवी (एमए आधुनिक एवं मध्यकालीन इतिहास तृतीय सेमेस्टर) और सौम्या मिश्रा (एमए राजनीति विज्ञान चतुर्थ सेमेस्टर) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. छबिलाल तथा सह संयोजक डॉ. प्रवीण नाथ यादव रहे। निर्णायक मंडल में डॉ. सरिता पांडेय और डॉ. राम सरण यादव शामिल रहे। निर्णायकों ने प्रतिभागियों के वक्तृत्व कौशल, विषय-वस्तु, तार्किक प्रस्तुति और अभिव्यक्ति के आधार पर विजेताओं का चयन किया।
इस अवसर पर डॉ. शैलेन्द्र सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी विषय पर कम समय में प्रभावी ढंग से तथ्यों के साथ विचार प्रस्तुत करने की क्षमता लगातार अध्ययन और अभ्यास से विकसित होती है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रवीण नाथ यादव ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. छबिलाल ने दिया। कार्यक्रम में डॉ. शशि भूषण, डॉ. गुंजन कुमार, डॉ. विनीत कुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक एवं विभिन्न विभागों के विद्यार्थी मौजूद रहे।

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