बलिया में डाक्टर व कर्मचारियों की लापरवाही से तीन की मौत

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बलिया में डाक्टर व कर्मचारियों की लापरवाही से तीन की मौत
जुड़वा शिशुओं समेत मां की भी हुई मौत, परिजनों ने काटा बवाल
बाथरूम में शिशुओं के शवों का छिपा रखा था अस्पताल प्रशासन
जिला अस्पताल के पास स्थित पूर्वांचल हास्पिटल का है मामला

हिरासत में लिए गए डाक्टर, हॉस्पिटल को किया गया सी


बलिया। खबर यूपी के बलिया से है, जहां एक रूह कंपा देने वाली घटना प्रकाश में आई है। जिसने स्वास्थ्य विभाग और सफेदपोशों के गठजोड़ की पोल खोलकर रख दिया है। जिला अस्पताल से महज कुछ दूरी पर संचालित ‘पूर्वांचल हॉस्पिटल’ ने शुक्रवार को लापरवाही और क्रूरता की सारी हदें पार कर दी। जहां डॉक्टरों की लापरवाही के चलते जुड़वा नवजात शिशुओं सहित उसकी मां की दर्दनाक मौत हो गई। इसके बाद अपनी साख बचाने और अपराध को छुपाने के लिए अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ ने नवजात शिशुओं के शवों को गायब कर दिया। जिसे परिजनों और पुलिस की छानबीन में दोनों शिशुओं का शव बाथरूम में लावारिस हालत में फेंके हुए मिले। इसके बाद मृतकों के परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और अस्पताल पर हत्या और घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने जहां शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।पुलिस डाक्टर को हिरासत में लेकर कोतवाली गई और हॉस्पिटल को सील के दिया गया।


जानकारी के अनुसार दुबहड़ थाना क्षेत्र के रामपुर बोहा निवासी सोनू यादव अपनी 27 वर्षीय पत्नी रिंकू देवी को प्रसव पीड़ा होने पर शुक्रवार की सुबह करीब 10:20 बजे शहर कोतवाली अंर्तगत पूर्वांचल हॉस्पिटल जगदीशपुर में भर्ती कराया। जहां आपरेशन के दौरान जुड़वा शिशुओं की मौत हो गई। जबकि पीडि़ता रिंकू देवी की हालत गम्भीर हो गई। इसके बाद डॉक्टरों ने रिंकू देवी को बेहतर इलाज के लिए मऊ जनपद स्थित फातिमा हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया। जहां पर डॉक्टर ने रिंकू देवी को जांचोंपरांत मृत घोषित कर दिया। मृतका रिंकू देवी के परिजन शव लेकर शाम करीब 5:30 बजे पूर्वांचल हॉस्पिटल पहुंचे। जहां पर उनके द्वारा पूर्वांचल हॉस्पिटल के डॉक्टरों और कर्मचारियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर नारेबाजी करते हुए पूर्वांचल हॉस्पिटल को बंद करने एवं आरोपी डॉक्टरों पर मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग करने लगे। चर्चा है कि पूर्वांचल हास्पीटल के संचालक डॉक्टर चंद्रशेखर स्वास्थ्य विभाग और सफेदपोशों के साथ ‘तगड़ी सेटिंग’ के दम पर सरेआम अवैध रूप से संचालित करते है। यह अस्पताल आए दिन लापरवाही और मौत को लेकर चर्चा में रहता है। सवाल यह उठता है कि आखिर किसके सह पर इन अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच के कुछ दिन बाद क्लीन चिट दे दी जाती है। इस बाबत शहर कोतवाल क्षितिज त्रिपाठी ने बताया कि मृतका के परिजनों द्वारा तहरीर प्राप्त हो चुकी है। मामले की पड़ताल की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

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