
जन औषधि संचालक के विरुद्ध डॉक्टर व कर्मचारियों ने खोला मोर्चा
श्रद्धाजंलि अर्पित कर ओपीडी व अन्य सेवा अनिश्चितकाल के लिए किया बंद
20000 घुस लेने में विजिलेंस टीम द्वारा गिरफ्तार डा वेंकेटेश मौआर की हृदयगति से हुई थी मौत

बलिया। सामुदायिक स्वास्थ केंद्र बांसडीह के अधीक्षक डा वेंकटेश मौआर की वाराणसी में हुई मौत के बाद मंगलवार को अस्पताल परिसर में चिकित्सकों व कर्मचारियों ने डा वेंकटेश मौआर को श्रद्धांजलि अर्पित कर ओपीडी व अन्य सेवा अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया। इस दौरान चिकित्सकों ने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर धरना दिया। चिकित्सकों ने सीएमओ डा संजीव बर्मन के माध्यम से डीएम, एसपी को ज्ञापन देकर मामले की सीबीआई व न्यायिक जांच कराने की मांग की। इसके साथ ही सीएचसी में संचालित अमृत फार्मेसी जन औषधि के संचालक भाइयों पर मुकदमा दर्ज करने तथा परिसर से अमृत फार्मेसी हटाने की मांग किया। इस अवसर पर डा विनोद सिंह ने आरोप लगाया कि कि डा मौआर को साज़िश के तहत फंसाया गया है, उनकी स्वाभाविक मृत्यु नहीं हत्या हुई है। अमृत फार्मेसी के नाम की आड़ में सीएचसी बांसडीह पर भ्रष्ट संचालक भाइयों की ओर से किया जा रहा गुंडई बंद करने की मांग किया। उन्होंने मांग किया कि मानक विहिन व गलत लोगों को आवंटित अमृत फार्मेसी का आवंटन तत्काल निरस्त किया जाए। सीएचसी बांसडीह को दलालों और गुंडों से बचाने के लिए सार्थक उपाय किया जाय। मुकदमा दर्ज कर मामले की उच्च स्तरीय जांच किया जाए।चिकित्सकों ने आरोप लगाया कि अमृत फार्मेसी के संचालक आए दिन चिकित्सकों से दुर्व्यवहार करते है। फार्मेसी की दवाएं लिखने के लिए लगातार दबाव बनाया जाता है। इसके साथ ही कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता हैं। इससे कर्मचारी काफी भयभीत है। उन्होंने कहा कार्रवाई होने तक बांसडीह में ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी। इस मौके पर डा प्रणय कुणाल, डा अमित गुप्ता, डा नितिन कुमार सिंह, डा सगीर, डा आंनद, आदि थे। उधर जनपद के रेवती, रसड़ा, मनियर, आदि अस्पताल में भी चिकित्सकों ने ओपीडी सेवा बंद कर डा वेंकेटेश मौआर को श्रद्धांजलि दिया।