
NDRF ने संभाला मोर्चा, पानी में फंसे लोगों निकाला बाहर
घाघरा की लहरों ने मचाया तांडव, बह गया NH-31
बाढ़ के पानी फंसे थे यादव नगर के लोग
डीएम एवं एसपी समेत बाढ़ विभाग मौके पर पहुंचा

मौके पर पहुँचे सत्ताधारी व विपक्ष के नेता एक दूसरे पर लगाते नजर आए आरोप
NH-31 कटने से यूपी-बिहार का संपर्क हुआ ठप
बलिया। खबर यूपी के बलिया से है जहां खतरा बिंदु से ऊपर बह रही गंगा, घाघरा की लहरों ने तांडव मचाना शुरू कर दिया है। बाढ़ के पानी से दर्जनों गांव घिर गए है। वही बाढ़ का दबाव एनएच-31 नहीं झेल सका और चांददियर के पास करीब 30 मीटर तक सड़क पानी की तेज धारा में बुधवार की देर रात बह गया। एनएच-31 के टूट जाने से उत्तर प्रदेश और बिहार का सम्पर्क वर्तमान में बंद हो गया है| सूचना पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाल लिया और बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को बाहर निकालने का काम जारी रखा। उधर जिला अधिकारी व पुलिस अधीक्षक में मौके पर पहुंच मातहतो को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।

बता दे कि बुधवार रात करीब एक बजे घाघरा की उफनाती लहरे एनएच-31 को तेज धारा में बहा ले गई। जिसके बाद घाघरा नदी का पानी देखते ही देखते करीब सात हजार आबादी वाले यादव नगर को घेर लिया। ग्रामीणों की माने तो पचास सालों से ऐसा कभी नहीं हुआ था। इसलिए लोग बेफिक्र होकर सोए थे। अचानक घर में बाढ़ का पानी देख बच्चे व औरते चीखने चिल्लाने लगी। शोर सुनकर आसपास गांव के लोगों की नींद खुल गई देखा कि एनएच-31 यादव नगर के सामने टूटा हुआ है और बेग से पानी घरों में घुस रहा है। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना मुकामी पुलिस को दी। सूचना पर क्षेत्राधिकारी बैरिया के नेतृत्व में पुलिस बल पहुंची और जितना हो सकता मदद किया। नाव मंगवाया गया और कुछ लोगों को बाहर निकाला गया। वही सूचना देकर एनडीआरएफ टीम को बुलाया गया। करीब तीन घण्टे बाद।पहुँची एनडीआरएफ टीम बचाव कार्य में जुट गई। उधर सुबह होते ही सैकड़ों की भीड़ इकट्ठा हो गई। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। मौके पर जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार, पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर सहित सभी विभागीय अधिकारियों का जमावड़ा लग गया। उधर, नेताओं के जुटने का शिलशिला जारी रहा। मौके पर पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह, वर्तमान विधायक जय प्रकाश अंचल, सांसद पुत्र रामेश्वर पांडेय, पूर्व सांसद भरत सिंह आदि पहुंच उच्चाधिकारियों से बात किया। बाढ़ पानी के कारण चांद दियर पंचायत के आधा दर्जन पुरवा का संपर्क पूरी तरह से तहसील और जिला मुख्यालय से टूट गया है। इसके साथ ही उत्तर बिहार से संपर्क टूट गया है।













