
बलिया में 2.21 लाख उज्ज्वला लाभार्थियों को मिली मुफ्त सिलेंडर की सौगात
उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए दिवाली का तोहफा, परिवहन मंत्री ने 10 महिलाओं को बांटे चेक
दीपावली पर गरीब परिवारों को राहत, उज्ज्वला योजना के तहत खातों में ट्रांसफर हुई धनराशि


बलिया। दीपावली के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत रुपए 1500 करोड़ की धनराशि से उत्तर प्रदेश के 1.89 करोड़ से अधिक पात्र परिवारों को रसोई गैस सिलेंडर रिफिल की सब्सिडी का वितरण कार्यक्रम परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री का लाइव प्रसारण भी दिखाया गया।



परिवहन मंत्री ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा त्योहारों के अवसर पर उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को निःशुल्क रसोई गैस सिलिंडर देने के वादे के तहत प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा आयोजित प्रेसवार्ता में बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया। इसी क्रम में बलिया जिले के 2,21,112 उज्ज्वला लाभार्थियों के बैंक खातों में मुफ्त सिलिंडर की निर्धारित राशि (सब्सिडी) सीधे ट्रांसफर की गई है। साथ ही राज्य सरकार द्वारा हर वर्ष होली और दिवाली के पावन पर्व पर उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को एक-एक भरा हुआ सिलिंडर मुफ्त प्रदान किया जाता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के समय गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम करना तथा उनके जीवन में खुशियाँ लाना है। उन्होंने कहा कि 01 मई 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बलिया की पावन धरती से ही ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ की ऐतिहासिक शुरुआत की थी। इस योजना के तहत अब तक देशभर की लगभग 12 करोड़ महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। पारंपरिक चूल्हों और लकड़ी-उपलों के उपयोग से होने वाले नुकसान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पहले धुएं के कारण महिलाओं को फेफड़ों एवं आंख संबंधी बीमारियों का सामना करना पड़ता था। एलपीजी के व्यापक उपयोग से न केवल महिलाओं और बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिला है। साथ ही परिवहन मंत्री ने अपने हाथों से 10 महिलाओं को चेक वितरण किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं चूल्हे पर खाना बनाती थीं, जिससे निकलने वाले धुएं के कारण वे गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाती थीं। धुएं और कठिन जीवनशैली के कारण महिलाओं की मृत्यु दर बढ़ जाती थी और कई महिलाएं कम उम्र (50-60 वर्ष) में ही काल के गाल में समा जाती थीं।
माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा उज्ज्वला योजना का शुभारंभ किए जाने के बाद देश के हर कमजोर और गरीब वर्ग की महिला को मुफ्त गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। इससे अब ग्रामीण क्षेत्रों में लकड़ी काटने, चुनने और गोबर के उपले (कंडे) बनाने की मजबूरी खत्म हो गई है। आज हर घर में रसोई गैस के माध्यम से साफ-सुथरे माहौल में खाना बन रहा है, जिससे महिलाएं बीमारियों से मुक्त और स्वस्थ हैं। कन्या सुमंगला योजना: परिवार में बेटी का जन्म होने पर तत्काल ₹5,000 की आर्थिक सहायता और आगे की पढ़ाई के लिए चरणबद्ध मदद। जननी सुरक्षा योजना: ग्रामीण महिलाओं को संस्थागत प्रसव पर ₹1,400 की सहायता राशि। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना: अनाथ या दुर्घटना में माता- पिता को खो चुके बच्चों (दो बच्चों तक) को ₹2,500 प्रति माह की सहायता। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण व शहरी): बेघर और जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान बनाने के लिए आर्थिक मदद। सभी माताओं और बहनों से अपील की कि वे सरकार द्वारा चलाई जा रही इन जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं, स्वयं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएं और एक विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में अपना योगदान दें। इस कार्यक्रम में सीडीओ आलोक कुमार, जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, जिला पूर्ति अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।