

स्कूल की छत पर तोरई और लौकी तोड़ने गए छात्र की एचटी तार की चपेट में आने से मौत
कक्षा चौथी में प्राथमिक विद्यालय कनैला में पढ़ता था छात्र
स्कूल के छत पर तोरई और लौकी तोड़ने कैसे पहुंचा छात्र? किसने छात्र को छत पर चढ़ाया?

बलिया। गड़वार थाना अंतर्गत ग्राम कनेला स्थित प्राथमिक विद्यालय के छत के ऊपर से गुजर रहे हाई टेंशन तार की चपेट में आने में एक छात्र की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया तो परिजन व ग्रामीण मुआवजे और दोषी शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग पर शव को नहीं जाने दिया। परिजनों का कहना है कि जब तक मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग पूरी नहीं होगी, वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। अरशद अपने माता-पिता की चार संतानों में सबसे छोटा था। परिवार में उसके अलावा दो भाई और दो बहनें हैं। उसके पिता इजहार अहमद प्राइवेट नौकरी करते हैं। सवाल यह उठता है कि स्कूल के छत पर तोरई और लौकी तोड़ने कैसे पहुंचा छात्र? किसने छात्र को छत पर चढ़ाया?किसको हरी सब्जी खाने की थी चिंता? यह यक्ष प्रश्न लोगों के ज़ेहन में कौद रहा है।

एचटी तार 40 वर्ष पूर्व और विद्यालय का निर्माण छह वर्ष पूर्व, किसने दी थी इजाजत
जानकारी के अनुसार विद्यालय का निर्माण करीब छह वर्ष पहले हुआ है। जबकि ऊपर से हाईटेंशन तार करीब 40 वर्ष पूर्व से गया हुआ है। सवाल यह उठता है कि हाईटेंशन तार के नीचे प्राथमिक विद्यालय का निर्माण करने की किसने इजाजत दी थी? किसने निर्माण कराया? कौन खंड शिक्षा अधिकारी था? कौन ठेकेदार था? किसने इस जमीन पर स्कूल बनाने की इजाजत दी थी? इसको लेकर ग्रामीणों में तरह-तरह के यक्ष प्रश्न और तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है।