
सरयू कटान से स्थायी समाधान की मांग, ग्रामीणों ने तहसील में किया प्रदर्शन
बलिया। सरयू नदी की कटान से प्रभावित गांवों को बचाने और विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की मांग को लेकर बुधवार को ग्रामीणों ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। अस्तित्व बचाओ आंदोलन के बैनर तले जुटे ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को संबोधित छह सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम बांसडीह पुष्कर मिश्रा को सौंपा। ग्रामीणों ने कटान की समस्या का स्थायी समाधान कराने के साथ ही प्रभावित परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास की सुविधा देने की मांग की।


ग्रामीणों ने कहा कि बांसडीह क्षेत्र के सुल्तानपुर और महाराजपुर में सरयू नदी की कटान रोकने के लिए स्थायी ठोकरों का निर्माण कराया जाए। कटान में जमीन गंवाकर भूमिहीन हुए परिवारों को आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ और कृषि भूमि के नुकसान का मुआवजा दिया जाए, जिससे प्रभावित परिवार दोबारा अपना आशियाना बसा सकें। इसके अलावा वर्षों से जर्जर जयनगर-पर्वतपुर रेगुलेटर का आधुनिक तकनीक से पुनर्निर्माण कराने की मांग की गई। ग्रामीणों ने वर्ष 2023 से 2026 के बीच कटान में नष्ट हुई जमीन का दोबारा सर्वे कराकर राजस्व अभिलेखों और खतौनी में आवश्यक सुधार कराने की भी मांग उठाई। प्रभावित किसानों को फसल क्षति का मुआवजा देने तथा उनका किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण माफ करने की मांग भी पत्रक में शामिल रही।


ग्रामीणों ने जयनगर से नौका गांव तक रिंग बांध की मरम्मत, उच्चीकरण और गोल रिंग निर्माण कार्य कराने की मांग की, ताकि भविष्य में बाढ़ और कटान से गांवों को सुरक्षित रखा जा सके। प्रदर्शन के दौरान सपा छात्र सभा जिलाध्यक्ष प्रवीण सिंह विक्की, निर्भय नारायण सिंह, अमन सिंह, रजनीश यादव, अनिकेत, सनी, राहुल सिंह, शाश्वत परिहार, संजीत यादव, चंदन राजपाल, मंटू, रंजीत यादव, अंजनी कुमार, सोनू कुमार, अजीत कुमार, अखिलेश और दिलीप मिश्र आदि मौजूद रहे।