
संत-महात्माओं की मौजूदगी में परिवहन मंत्री दयाशंकर ने विधि-विधान से किया भृगु कॉरिडोर का भूमि पूजन
भृगु कॉरिडोर की पड़ी नींव, 100 करोड़ से बदलेगा ऐतिहासिक भृगु मंदिर का स्वरूप
भूमि पूजन के साथ वर्षों पुराना सपना उतरा धरातल पर, पहले चरण में खर्च होंगे 50 करोड़ रुपये
बलिया। महर्षि भृगु की तपोभूमि बलिया के ऐतिहासिक भृगु मंदिर को भव्य और आधुनिक स्वरूप देने की वर्षों पुरानी कवायद अब धरातल पर उतर गई है। रविवार को मंदिर परिसर में संत-महात्माओं की मौजूदगी में परिवहन मंत्री एवं सदर विधायक दयाशंकर सिंह ने विधि-विधान से भृगु कॉरिडोर का भूमि पूजन किया। इसके साथ ही करीब 100 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत हो गई। भूमि पूजन के बाद आयोजित भव्य महाआरती में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। वैदिक मंत्रोच्चार, दीपों की जगमगाहट और ‘भृगु बाबा’ के जयघोष से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।



परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद भृगु कॉरिडोर का सपना अब कागजों से निकलकर जमीन पर आ गया है। कहा कि बलिया की पहचान भृगु बाबा की धरती के रूप में है। कॉरिडोर बनने के बाद भृगु मंदिर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में काम होगा। यह परियोजना सिर्फ मंदिर के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि बलिया की आस्था, संस्कृति और धार्मिक विरासत को नई पहचान देने का प्रयास है। परियोजना के पहले चरण के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जबकि मंदिर के संपूर्ण निर्माण और विकास पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है। इस मौके पर पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, पूर्व सांसद भरत सिंह, पूर्व मंत्री राजधारी सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार, स्वामी हरिहरानंद, बड़ी मठिया के रामूदार दास, गायत्री शक्तिपीठ के विजेंद्र चौबे, भृगु मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष शिवकुमार मिश्र, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जनार्दन राय, इतिहासकार डॉ. शिवकुमार सिंह कौशिकेय समेत बड़ी संख्या में संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

भव्य प्रवेश द्वार से आर्ट गैलरी तक होगा कायाकल्प
कॉरिडोर के तहत मंदिर के धार्मिक और ऐतिहासिक स्वरूप को बरकरार रखते हुए पूरे परिसर का कायाकल्प किया जाएगा। भव्य मुख्य प्रवेश द्वार, मंदिर परिसर का विस्तार, चौड़े रास्ते, व्यवस्थित गलियारे, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना को दो चरणों में पूरा करने का प्रस्ताव है। खास बात यह है कि कॉरिडोर में सप्त ऋषियों से जुड़ी जानकारी की आर्ट गैलरी भी विकसित की जाएगी। यहां गौतम ऋषि, परशुराम ऋषि, महर्षि वाल्मीकि, मेधा ऋषि, कुशी ऋषि और पराशर ऋषि समेत ऋषि परंपरा से संबंधित विवरण पट्टिकाओं के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।

81 महिला लाभार्थियों का सम्मान
कार्यक्रम को सेवा सप्ताह से जोड़ते हुए विधानसभा क्षेत्र के 75 शक्ति केंद्रों से आईं प्रधानमंत्री आवास योजना की 81 महिला लाभार्थियों को सम्मानित किया गया। परिवहन मंत्री ने महिलाओं को नारियल, साड़ी और स्मृति चिह्न प्रदान किए। विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाली महिलाओं को भी सम्मान मिला।



महाआरती में उमड़ा आस्था का सैलाब
भूमि पूजन के बाद भृगु मंदिर में भव्य महाआरती हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और संत-महात्माओं ने इसमें हिस्सा लिया। दीपों की रोशनी और भृगु बाबा के जयकारों से मंदिर परिसर का माहौल आध्यात्मिक हो उठा। श्रद्धालुओं ने कॉरिडोर की शुरुआत को बलिया की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम बताया।
पर्यटन और रोजगार को भी मिलेगी रफ्तार
भृगु कॉरिडोर के पूरा होने के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी। विकसित परिसर और बेहतर यातायात व्यवस्था से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय दुकानदारों, कारोबारियों और अन्य लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की भी उम्मीद है।