तीन दिन का प्रभार, फिर भी समय से नहीं पहुंचते दिव्यांग अधिकारी

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श्रवण कुमार पांडेय

तीन दिन का प्रभार, फिर भी समय से नहीं पहुंचते दिव्यांग अधिकारी


दिव्यांग फरियादी घंटों करते हैं इंतजार, बिना सुनवाई लौटने को मजबूर


बलिया। जिले के प्रभारी जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के समय से कार्यालय नहीं पहुंचने की शिकायतें सामने आ रही हैं। गाजीपुर जनपद का भी प्रभार होने के कारण बलिया में अधिकारी के लिए सप्ताह में तीन दिन सोमवार, मंगलवार और बुधवार निर्धारित किए गए हैं, लेकिन आरोप है कि इन दिनों में भी अधिकारी के समय से कार्यालय नहीं पहुंचते। जिसके कारण दिव्यांग फरियादियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।


जानकारी के अनुसार जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी पारस नाथ यादव के पास बलिया के साथ ही गाजीपुर जनपद का भी प्रभार है। दोनों जिलों की जिम्मेदारी के चलते बलिया में सोमवार, मंगलवार और बुधवार को उनकी मौजूदगी निर्धारित है। बावजूद इसके बुधवार को दोपहर करीब 12 बजे तक कार्यालय में उनकी कुर्सी खाली पड़ी थी। अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालय पहुंचे दिव्यांगजन अधिकारी का इंतजार करते रहे। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों से पूछने पर बताया गया कि साहब अभी रास्ते में हैं।
फरियादियों का कहना है कि दिव्यांगजन विभाग से जुड़ी योजनाओं, पेंशन, प्रमाणपत्र, उपकरण सहित अन्य समस्याओं को लेकर उन्हें अधिकारी से मिलने के लिए कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। अधिकारी के मौजूद नहीं रहने पर कई बार उन्हें घंटों इंतजार करने के बाद बैरंग लौटना पड़ता है।


सूत्रों के मुताबिक निर्धारित तीन दिनों में भी अधिकारी के समय से कार्यालय पहुंचने की स्थिति नियमित नहीं है। दो जिलों का प्रभार होने के कारण उनकी अनुपस्थिति को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी होती रहती हैं। सवाल यह उठता है कि जब सप्ताह में बलिया के लिए महज तीन दिन निर्धारित हैं, तो उन दिनों भी यदि अधिकारी समय से कार्यालय में उपलब्ध नहीं रहते हैं, तो अपनी समस्याएं लेकर पहुंचने वाले दिव्यांगजनों की सुनवाई आखिर कैसे होगी। विभागीय अधिकारियों को इस मामले में कार्यालय में निर्धारित समय पर अधिकारी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की जरूरत है, ताकि दूर-दराज से आने वाले दिव्यांग फरियादियों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

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