
बाढ़ के पानी में नहाने से बचें, बच्चों को भी रोकें: एसपी
जिले के 87 गांव और तीन लाख से अधिक की आबादी बाढ़ से है प्रभावित
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लाउड हेलर के माध्यम से पुलिस लगातार लोगों को कर रही जागरूक



बलिया। जनपद में गंगा और घाघरा नदियां इस समय चेतावनी बिंदु से ऊपर बह रही हैं। हालांकि दोनों नदियों का जलस्तर अभी उच्चतम बाढ़ स्तर से नीचे है, लेकिन कई तटीय और बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी भर गया है। ऐसे में बाढ़ के पानी में नहाने और जाने को लेकर पुलिस ने लोगों को सतर्क किया है। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि इस समय जनपद के करीब 87 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं और तीन लाख से अधिक की आबादी प्रभावित है। पिछले कुछ दिनों में ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे बांध और नदी के बीच जमा बाढ़ के पानी में नहाने चले जाते हैं। ऐसे स्थानों पर पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है।



एसपी ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे स्वयं बाढ़ के पानी में जाने से बचें और बच्चों को भी ऐसे स्थानों पर जाने से रोकें। उन्होंने कहा कि नदियों में जल की गहराई का लोगों को कुछ अंदाजा रहता है, लेकिन बांध और नदी के बीच जमा पानी में कहां कितनी गहराई है, इसका पता नहीं चलता। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। पुलिस की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लाउड हेलर के माध्यम से लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही पुलिस टीमें प्रभावित गांवों में भ्रमण कर लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रही हैं।

एसपी ने बताया कि नवनिर्मित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे/पुल क्षेत्र के दोनों तरफ भी गंगा का पानी काफी बढ़ गया है। कई लोग वहां पुल पर पहुंचकर पानी में नहाने का प्रयास करते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में भी पुलिस की लगातार पेट्रोलिंग कराई जा रही है। बाढ़ प्रभावित गांवों में मिशन शक्ति की महिला कांस्टेबल, बीट कांस्टेबल और थाना प्रभारी लगातार भ्रमण कर ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। पुलिस का उद्देश्य बाढ़ की परिस्थितियों में किसी भी तरह की अनहोनी को रोकना और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। एसपी ने लोगों से अपील की कि प्रशासन और पुलिस की अपील को गंभीरता से लेते हुए बाढ़ के पानी से दूरी बनाए रखें।