एमडीएम में 13.71 लाख घोटाले में ताजपुर मुडियारी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य व एमडीएम के जिला समन्वयक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज

Spread the love

श्रवण कुमार पांडेय

एमडीएम में 13.71 लाख घोटाले में ताजपुर मुडियारी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य व एमडीएम के जिला समन्वयक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज

दो सदस्यीय टीम ने किया था विद्यालय का निरीक्षण, मिली थी अनियमितता

बलिया। बांसडीह शिक्षा क्षेत्र के ताजपुर मुडियारी इंटर कॉलेज में मिड -डे -मील (एमडीएम) योजना में कथित वित्तीय अनियमितता और कक्षा 6, 7 व 8 में फर्जी नामांकन के मामले में पुलिस ने शनिवार को भारतीय न्याय संहिता की धारा 316 (5), 318(4), 336 और 338 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी अनूप कुमार त्रिपाठी की तहरीर पर की गई है। इस मामले में कॉलेज के प्रधानाचार्य चंद्रशेखर पांडेय और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से संबद्ध जिला समन्वयक एमडीएम अजीत पाठक को आरोपी बनाया गया है।

जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी की दो सदस्यीय टीम ने विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया था। जांच के दौरान कक्षा 6, 7 और 8 का नियमित रूप से भौतिक संचालन नहीं होने की बात सामने आई। इसके बावजूद इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को एमडीएम योजना के तहत लाभान्वित दिखाकर भुगतान किए जाने का आरोप है। जांच के दौरान विद्यालय में कक्षा 6 से 8 तक 449 विद्यार्थी बताए गए, जबकि यू-डायस पोर्टल पर दर्ज विद्यार्थियों की संख्या अलग मिली। इससे विद्यालय के रिकॉर्ड और पोर्टल के आंकड़ों में अंतर सामने आया।

एमडीएम रजिस्टर में मिलीं अनियमितताएं

जांच टीम को एमडीएम रजिस्टर में भी कई अनियमितताएं मिली। विद्यालय में एमडीएम संचालन के लिए जरूरी गैस सिलेंडर, राशन, बर्तन और थालियां भी नहीं मिलीं। रसोईघर के संचालन में भी गंभीर कमियां पाए जाने की बात जांच रिपोर्ट में कही गई है।

दो वित्तीय वर्षों में 13.71 लाख का हुआ भुगतान

जांच रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में एमडीएम योजना के तहत 7,30,904 रुपये और वित्तीय वर्ष 2025-26 में 6,40,669 रुपये का भुगतान किया गया। वित्तीय वर्ष 2026-27 में मार्च से जुलाई 2026 तक शून्य भुगतान दर्ज है। इस तरह जांच रिपोर्ट में संबंधित अवधि में कुल 13,71,573 रुपये का भुगतान किए जाने का उल्लेख है। आरोप है कि कक्षा 6 से 8 का भौतिक रूप से संचालन नहीं होने के बावजूद विद्यार्थियों को एमडीएम योजना का लाभार्थी दिखाकर यह भुगतान कराया गया।

प्रधानाचार्य और जिला समन्वयक पर अनियमितता का आरोप

जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रधानाचार्य चंद्रशेखर पांडेय और जिला समन्वयक एमडीएम अजीत पाठक को कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार माना गया है। रिपोर्ट में दोनों पर कक्षा 6, 7 और 8 में विद्यार्थियों को लाभान्वित दिखाकर एमडीएम की धनराशि का अनियमित भुगतान कराने का आरोप लगाया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *