बलिया पहुंचे सीएम, हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का लिया जायजा

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श्रवण कुमार पांडेय

बलिया पहुंचे सीएम, हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का लिया जायजा

1500 परिवारों को राहत किट और 1300 लोगों को चिकित्सा किट वितरित

बलिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को तहसील बांसडीह के ग्राम गलाफरपुर पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और जमीनी हालात का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा देते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिया की बांसडीह, बैरिया और बलिया सदर विधानसभा क्षेत्रों में बाढ़ और कटान की स्थिति बनी हुई है। कई गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। सरकार की पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत और पुनर्वास के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

योगी ने बताया कि प्रदेश के 26 जिले इस समय बाढ़ से प्रभावित हैं। करीब 1.71 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और 251 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। एक हजार से अधिक लोगों को बाढ़ शरणालयों में रखा गया है, जबकि राहत एवं बचाव के लिए 447 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के टीकाकरण, भूसा-चारा और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। गर्भवती महिलाओं को राशन सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ या आकाशीय बिजली से मृत्यु होने पर कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है।

बाढ़ में गरीब का मकान गिरने पर तत्काल भूमि का पट्टा और आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। अग्निकांड में झोपड़ी जलने पर भी प्रभावित गरीब परिवार को आवास उपलब्ध कराया जाएगा। इस दौरान जल शक्ति मंत्री सत्येंद्र सिंह, प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, मंत्री दानिश आजाद अंसारी, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, बांसडीह विधायक केतकी सिंह, राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, डीआईजी सुनील कुमार सिंह, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी, नारद राय, रवि शंकर उर्फ पप्पू, सुनीता श्रीवास्तव, विधायक हंसू राम, पूर्व सांसद भरत सिंह, पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला, जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

तटबंधों को मजबूत कर बाढ़ का स्थायी होगा समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में प्रदेश के 36 से 40 जिलों में बाढ़ आती थी, जबकि इस बार 26 जिलों में स्थिति बनी है। बाढ़ से जन एवं फसल की क्षति कम करने के लिए तटबंधों को मजबूत और सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को खेती में परेशानी न हो, इसके लिए बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान की प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

1500 बाढ़ पीड़ितों को राहत किट
मुख्यमंत्री ने जिले की तीन तहसीलों के कुल 1500 बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत किट वितरित की। इनमें बैरिया तहसील के 240, बांसडीह के 1110 और बलिया सदर के 150 परिवार शामिल हैं। राहत किट में 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, दो किलो भुना चना, दो किलो चना, ढाई किलो लाई, एक किलो चीनी और एक किलो खाद्य तेल के अलावा छतरी, बाल्टी, मग, माचिस, तौलिया, साबुन और अगरबत्ती दी गई। स्वच्छता एवं संक्रमण से बचाव के लिए वायरस पाउडर दवा भी उपलब्ध कराई गई।

1300 लोगों को चिकित्सा किट
बाढ़ पीड़ितों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक 1300 चिकित्सा किट वितरित की गई हैं। किट में बाढ़ के दौरान होने वाली सामान्य बीमारियों के उपचार के लिए 10 प्रकार की आवश्यक दवाएं और पानी को स्वच्छ रखने के लिए क्लोरीन की गोलियां शामिल हैं। विभाग की ओर से प्रभावित लोगों को दवाओं के उचित इस्तेमाल और स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।

भृगु बाबा के नाम से बनेगा मेडिकल कॉलेज
मुख्यमंत्री ने बलिया के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले में भृगु बाबा के नाम से मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा। इसके साथ ही भृगु मंदिर कॉरिडोर का निर्माण भी कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि बलिया की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ जिले के विकास को नई गति देने के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है। योगी ने बलिया के स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में बलिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही। चित्तू पांडेय के नेतृत्व में यहां स्वतंत्रता की घोषणा की गई थी। उन्होंने कहा कि क्रांतिकारी धरती बलिया के विकास के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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