
गंगा-सरयू के जलस्तर में लगातार बढ़ाव जारी, तटीय क्षेत्रों में बढ़ी सतर्कता
बलिया। जनपद में गंगा, सरयू (घाघरा) और टोंस नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ाव दर्ज किया जा रहा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष, बलिया की ओर से 23 अगस्त 2026 को सुबह आठ बजे जारी आंकड़ों के अनुसार कई प्रमुख गेज स्थलों पर नदियों का जलस्तर पिछले माप की तुलना में बढ़ा है। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।



गंगा नदी के बक्सर गेज स्थल पर सुबह आठ बजे जलस्तर 59.53 मीटर दर्ज किया गया, जबकि पिछले माप में यह 59.43 मीटर था। यहां खतरा बिंदु 60.320 मीटर है। वर्ष 1982 में बक्सर में गंगा का उच्चतम बाढ़ जलस्तर 62.090 मीटर दर्ज किया गया था। वहीं गायघाट में गंगा का जलस्तर 58.90 मीटर रहा, जो पिछले माप 58.77 मीटर से अधिक है। गायघाट का खतरा बिंदु 57.615 मीटर है।


सरयू नदी के डीएसपी हेड (तुर्तीपार) गेज स्थल पर जलस्तर 64.45 मीटर दर्ज हुआ, जबकि पिछला माप 64.48 मीटर था। यहां खतरा बिंदु 64.010 मीटर है। चांदपुर में जलस्तर 58.74 मीटर रहा, जो पिछले माप 58.61 मीटर से अधिक है। चांदपुर का खतरा बिंदु 58.000 मीटर है। मांझी गेज स्थल पर सरयू का जलस्तर 55.75 मीटर दर्ज किया गया, जबकि पिछला माप 55.62 मीटर था। यहां खतरा बिंदु 55.150 मीटर निर्धारित है। टोंस नदी के पिपरा घाट गेज स्थल पर जलस्तर 59.90 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरा बिंदु 60.000 मीटर है। वर्ष 1976 में पिपरा घाट पर टोंस नदी का उच्चतम बाढ़ जलस्तर 62.500 मीटर दर्ज किया गया था। नदियों के जलस्तर में जारी बढ़ाव से तटीय क्षेत्रों में लोगों की चिंता बढ़ गई है।