
डीएम ने 50 टीबी मरीजों को वितरित की पोषण पोटली, नियमित इलाज अपनाने की अपील
एक सप्ताह में 1700 टीबी मरीजों को मिलेगी पोषण पोटली: डीएम
592 हाई-रिस्क गांवों की स्क्रीनिंग पूरी, टीबी उन्मूलन अभियान में बलिया प्रदेश में पांचवें स्थान पर
‘टीबी से घबराएं नहीं, इलाज कराएं’—पोषण पोटली वितरण के दौरान डीएम की अपील
बलिया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम एवं प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत शुक्रवार को विकास भवन सभागार में क्षय (टीबी) रोगियों के लिए पोषण पोटली वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने 50 टीबी मरीजों को अपने हाथों से पोषण पोटली वितरित कर उन्हें नियमित उपचार और पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित किया। पोषण पोटली में प्रोटीन युक्त खाद्य सामग्री जैसे राजमा, भुना चना, गुड़, चने का सत्तू तथा प्रोटीनेक्स पाउडर शामिल किया गया। जिलाधिकारी ने मरीजों को प्रोटीनेक्स पाउडर के सही उपयोग की जानकारी भी दी और बताया कि संतुलित पोषण से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जिससे टीबी के इलाज में तेजी से लाभ मिलता है। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 1700 टीबी मरीजों को पोषण पोटली उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे एक सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के उद्देश्य से उन्हें प्रोटीन युक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
जिलाधिकारी ने बताया कि 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के अंतर्गत बलिया जनपद ने प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। अभियान के दौरान विकासखंड हनुमानगंज एवं शहरी क्षेत्र में सर्वाधिक टीबी मरीज चिन्हित हुए। वहीं जिले के 592 हाई-रिस्क गांवों में हैंड-हेल्ड एक्स-रे के माध्यम से स्क्रीनिंग कर लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। जिलाधिकारी ने मरीजों से कहा कि टीबी एक पूरी तरह से उपचार योग्य बीमारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बीमारी से घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि समय पर जांच और नियमित इलाज कराकर इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर टीबी मरीजों की पहचान कर उनका उपचार सुनिश्चित कर रही हैं। इस कार्यक्रम में सीडीओ आलोक कुमार, डीडीओ आनंद प्रकाश एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी/कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।