राष्ट्र निर्माण में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार आज भी प्रासंगिक: विजय राजभर

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राष्ट्र निर्माण में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार आज भी प्रासंगिक: विजय राजभर

डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मृति जयंती पखवाड़ा पर बोले पूर्व एमएलए

श्रवण कुमार पाण्डेय


बलिया। भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय, जीराबस्ती में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मृति जयंती पखवाड़ा के अंतर्गत एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्रों पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण कर किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश मंत्री एवं पूर्व विधायक विजय राजभर ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि उनका प्रसिद्ध संदेश “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” आज भी देशवासियों को राष्ट्रीय एकता के प्रति प्रेरित करता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे डॉ. मुखर्जी के आदर्शों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को लेकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक महान शिक्षाविद और प्रखर राष्ट्रवादी ही नहीं, बल्कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक भी थे। उनके विचार आज भी संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि जयंती पखवाड़े के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ता जनसेवा, संगठन विस्तार और राष्ट्रहित के संकल्प को और अधिक मजबूत करेंगे।
कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री हिमांशु प्रताप सिंह ने किया।इस मौके पर प्रदेश सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह, राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता श्रीवास्तव, पूर्व जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू, देवेन्द्र यादव, राजधारी सिंह, धनंजय कन्नौजिया, आलोक सिंह मोनू, उमाशंकर सैनी, अजय राजभर , आलोक शुक्ला, संजीव कुमार डम्पू, प्रदीप सिंह, सुधीर पासवान, जयप्रकाश जायसवाल, संजीव सिंह, कृष्णा पाण्डेय, विजय लक्ष्मी सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।

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