

बलिया में विधिक जागरूकता शिविर में महिलाओं को किया गया जागरूक
बलिया। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया अनिल कुमार झा के आदेशानुसार बुधवार को एडीआर भवन, दीवानी न्यायालय परिसर, बलिया में कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण)अधिनियम, 2013 (POSH Act) विषयक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया के सचिव (पूर्णकालिक) चन्द्र प्रकाश तिवारी ने की। जबकि चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल डॉ. हंसराज तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव चन्द्र प्रकाश तिवारी ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न एक गंभीर कानूनी एवं सामाजिक अपराध है, जो महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और मानसिक शांति पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 लागू किया गया है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को अधिनियम के प्रावधानों, अधिकारों और शिकायत निवारण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल डॉ. हंसराज तिवारी ने बताया कि यदि किसी महिला के साथ उसके कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की घटना होती है, तो वह घटना की तिथि से तीन माह के भीतर संबंधित संस्थान की आंतरिक शिकायत समिति के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज करा सकती है।
शिविर में महिला पैरालीगल वालंटियर्स, न्यायालय की महिला कर्मचारी, वादकारी महिलाएं, कामकाजी महिलाएं तथा अन्य महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और कार्यस्थलों पर सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करने के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।