
ग्लूकोमा से बचाव के लिए समय पर जांच जरूरी : डॉ. आनंद
बलिया। विश्व ग्लूकोमा (काला मोतियाबिंद) सप्ताह के अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में रेड क्रॉस सोसाइटी बलिया के तत्वावधान में बुधवार को जागरूकता संगोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें विशेषज्ञों द्वारा ग्लूकोमा के प्रति जागरूक रहने और समय-समय पर आंखों की जांच कराने की सलाह दी गई।


इस अवसर पर प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद कुमार सिंह ने कहा कि ग्लूकोमा एक ऐसा नेत्र रोग है, जिसकी शुरुआती अवस्था में अक्सर लक्षण दिखाई नहीं देते। यदि समय पर जांच न कराई जाए तो यह धीरे-धीरे दृष्टि को स्थायी रूप से प्रभावित कर सकता है। इसलिए नियमित नेत्र परीक्षण ही इससे बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। एसीएमओ एवं जिला दृष्टि हीनता निवारण अधिकारी डॉ. योगेंद्र दास ने कहा कि आज के दौर में मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी के अत्यधिक उपयोग से आंखों पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों को स्क्रीन टाइम कम करने के साथ ही आंखों की नियमित जांच करानी चाहिए। उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर ग्लूकोमा की जांच नि:शुल्क की जा रही है। इस मौके पर जिला प्रशासनिक अधिकारी योगेश पाण्डेय, डॉ. सिद्धार्थ मणि दुबे, डॉ. धर्मेंद्र, डॉ. रोहित रंजन, नेत्र सहायक विमल गुप्ता, मनीष, शैलेश कुमार, धीरज गोपाल, शैलेंद्र राय, अरविंद पांडे, रवि तिवारी, सोनी, इमरान, सुषमा, संघमित्रा, आकांक्षा यादव, अनुराग पांडेय आदि मौजूद रहे। अंत में रेड क्रॉस सोसाइटी के जिला समन्वयक एवं कोषाध्यक्ष शैलेंद्र पांडेय ने सभी का आभार व्यक्त किया, जबकि संचालन नितेश पाठक ने किया।