
कोतवाल के साथ बदतमीजी एवं गाली गलौज करने के मामले में मंत्री दयाशंकर सिंह के खिलाफ कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट
एमएलसी रविशंकर उर्फ पप्पू की गैरहाजरी सीजेएम कोर्ट ने किया माफ



बलिया। करीब 23 वर्ष पूर्व कोतवाली में घुसकर तत्कालीन शहर कोतवाल सर्वजीत शाही को एमएलसी रविशंकर सिंह पप्पू एवं वर्तमान सदर विधायक व परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह एवं अन्य समर्थकों संग गाली गुप्ता तथा कॉलर पकड़ने के एक मामले में सुनवाई करते हुए सीजेएम शैलेष पांडेय की अदालत ने एमएलसी रविशंकर सिंह पप्पू की आज गैर हाजरी माफ कर दी है। कारण कि एमएलसी ने पूर्व में आत्मसमर्पण कर अपना जमानत अर्जी मंजूर करा लिया है। लेकिन मंत्री दयाशंकर सिंह के विरुद्ध हाजिर न्यायालय में नहीं होने पर गिरफ्तारी वारंट के साथ ही एन स्टेप के जरिए एसी.पी बलिया की तामिला हेतु भेजा गया है।




अभियोजन पक्ष के मुताबिक यह घटना कोतवाली थाना परिसर में चार दिसंबर 2003 को समय करीब 9:25 बजे सुबह में घटित हुआ था। इस मामले में तत्कालीन शहर कोतवाल सर्वजीत शाही ने कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कराया था। जिसमें आरोप लगाया था कि घटना के दिन हम अपने हम राहियों के साथ अभियुक्तों की तलाशी में जा रहे थे कि जरिए आरटी सेट सूचना प्राप्त हुई कि रविशंकर उर्फ पप्पू सिंह, दयाशंकर सिंह अपने 20 समर्थकों के साथ कोतवाली में आए है तथा आपको बुला रहे है। इस सूचना पर मैं अपने हमराहियों संग आवश्यक पुलिस बल बुलाने का निर्देश देकर कोतवाली आया, जहाँ सभी लोग मौजूद रहे। इसके बाद मुझे भद्दी -भद्दी गालियाँ देते हुए कॉलर पकड़ लिये तथा दयाशंकर मुझ पर हमलावर हो गए। वहाँ पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच बचाव किया तथा रविशंकर ने कहा साले तुम्हारी इतनी हिम्मत की हमारे कार्यकर्ता को गिरफ्तार करोगें।