
नाबालिग को भगाने के मामले में पांच दोषियों को 12 वर्ष की सजा
बलिया। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मॉनिटरिंग सेल व अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी से बांसडीह थाने में दर्ज नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और पॉक्सो एक्ट के मामले में न्यायालय ने पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट संख्या-08 ने एक किशोर अपचारी को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 में 12 वर्ष के सश्रम कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही धारा 363 में पांच वर्ष व 10 हजार तथा धारा 366 में सात वर्ष व 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है।



वहीं, अन्य चार दोषियों रणजीत पुत्र रमाशंकर राम, कृष्ण कुमार पुत्र योगेंद्र राम, शंकर पुत्र स्व. गोविंद राम और रविशंकर पुत्र छोटेलाल राम, निवासी मटमैन थाना गड़वार को पॉक्सो एक्ट की धारा 17 में 12 वर्ष के सश्रम कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 363 में पांच वर्ष के सश्रम कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। मामला वर्ष 2018 का है। आठ जुलाई 2018 को वादी की 15 वर्षीय नाबालिग बहन को किशोर अपचारी बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। आरोप है कि अन्य चार आरोपियों ने उसे भगाने में सहयोग किया था। इस मामले में बांसडीह थाने में मुकदमा अपराध संख्या 130/2018 के तहत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। न्यायालय में प्रभावी पैरवी के बाद सभी पांचों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई।