
गंगा और सरयू के बढ़ते जलस्तर से बलिया के 36 हजार से अधिक लोग प्रभावित, राहत-बचाव कार्य तेज
बलिया। गंगा और सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण जनपद के कई तहसील क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। जिले में करीब 36,228 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य लगातार चलाया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में नावों का संचालन, राहत शिविर, कम्युनिटी किचन और चिकित्सा टीमों की व्यवस्था की गई है। तहसील सदर बलिया के मुड़ाडीह, जवही दियर, उपरपुर दियर, उमरपुर नौबरार, इच्छा चौबे का पुरा, बघऊच, शिवपुर दियर नम्बरी के मजरा कृपा राय का डेरा, प्रानपुर, भरसौता के गिरी के टोला, पिपरा खुर्द, हृदय चक, दुबहड़, बेलहरी, शाहपुर बभनौली, मझरिया कोट, माल्देपुर, सुल्तानपुर, हल्दी और मुर्की समेत कई गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। नगर पालिका बलिया के वजीरापुर, गायत्रीनगर, हीरपुर, बनकटा, कंसपुर, चन्दनूपुर, नेवरी ता. जमुआ और नेउरी ता. बिगही मोहल्ले में भी बाढ़ का पानी पहुंचा है। बैरिया तहसील में सरयू नदी से गोपालनगर, झरकटहां, नवका गांव, वशिष्ठ नगर शिवाल और चांददियर प्रभावित हैं। वहीं गंगा नदी के पानी से रामपुर कोडहरा, शिवपुर कपूर दियर, नौरंगा, भगवानपुर, भुवालछपरा, गोपालपुर के मजरा उदयी छपरा, दूबेछपरा, प्रसाद छपरा, आलम राय का टोला तथा सुघर छपरा के मजरा केहरपुर प्रभावित हुए हैं। चांददियर के आबादी क्षेत्र में भी बाढ़ का पानी पहुंचा है। बांसडीह तहसील में भोजपुरवा, सुल्तानपुर, कमालपुर, चांदपुर, कोलकला, चितबिसांव कला, चितबिसांव खुर्द, रेगहां, कचनार, किर्तुपुर, पर्वतपुर, सारंगपुर, दियरा गभीरार, दियरा भांगर, रामपुर नम्बरी और चकविलियम गांव सरयू नदी की बाढ़ से प्रभावित हैं।


आठ हजार राशन किट और 86 हजार से अधिक भोजन पैकेट वितरित
प्रशासन के अनुसार अब तक बाढ़ प्रभावित लोगों को 8,000 राशन किट वितरित किए जा चुके हैं। इसके अलावा 34,730 दवाओं के किट बांटे गए हैं। इन किट में दवाओं के नाम, किस बीमारी में कौन-सी दवा लेनी है और कितनी अवधि तक लेनी है, जैसी आवश्यक जानकारी दर्ज है। बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविर और कम्युनिटी किचन संचालित किए जा रहे हैं। यहां तैयार भोजन बाढ़ प्रभावित लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। अब तक 86,092 पैकेट पका-पकाया भोजन वितरित किया जा चुका है और यह व्यवस्था लगातार जारी है।


116 नावें राहत एवं बचाव कार्य में लगीं
वर्तमान में राहत एवं बचाव कार्य के लिए 116 नावें संचालित की जा रही हैं। सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं और बाढ़ राहत शिविर भी संचालित किए जा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में जनरेटर के माध्यम से विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। पशुओं के लिए भी प्रशासन की ओर से राहत कार्य जारी है। अब तक 19,453 पशुओं का टीकाकरण कराया जा चुका है, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए 995 कुंतल भूसा वितरित किया गया है।


रोजाना प्रभावित लोगों से संपर्क, चिकित्सा टीमें कर रहीं दौरा
प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी परिवार को परेशानी न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है। उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और जिला स्तरीय अधिकारी प्रतिदिन बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ले रहे हैं। चिकित्सकों की टीमें भी प्रतिदिन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों से प्रतिदिन कम से कम दो बार संपर्क कर उनका हालचाल लिया जा रहा है और बाढ़ से संबंधित सूचनाएं प्राप्त की जा रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ और पीएसी की टीमें लगातार सक्रिय हैं।
आपदा की स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी तरह की आपदा या परेशानी होने पर तत्काल नजदीकी तहसील स्तरीय कंट्रोल रूम अथवा जिला मुख्यालय के कंट्रोल रूम से संपर्क करें।
जिला कंट्रोल रूम: 9454417979
लैंडलाइन: 05498-220832, 05498- 220235 टोल फ्री नंबर: 1077