
बलिया के ‘बाटी-चोखा’ कारोबार को मिलेगा बढ़ावा, ODOP योजना के तहत 50 लाख रुपये तक मार्जिन मनी सहायता
बलिया। उत्तर प्रदेश सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को प्रोत्साहित करने और जनपद के विशिष्ट व्यंजन ‘बाटी-चोखा’ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से “एक जनपद एक व्यंजन (ODOP)” वित्त पोषण सहायता योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 में लागू किया है।
योजना के तहत जनपद बलिया के लिए चिन्हित ODOP उत्पाद बाटी-चोखा से संबंधित उद्योग, सेवा एवं व्यवसाय स्थापित करने के इच्छुक उद्यमियों को बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही परियोजना लागत के आधार पर सरकार मार्जिन मनी के रूप में वित्तीय सहायता भी प्रदान करेगी। इस योजना के अनुसार 25 लाख रुपये तक की परियोजना लागत वाली इकाइयों को परियोजना लागत का 25 प्रतिशत या अधिकतम 6.25 लाख रुपये (जो भी कम हो) मार्जिन मनी मिलेगी। 25 लाख से 50 लाख रुपये तक की परियोजनाओं के लिए 20 प्रतिशत या अधिकतम 6.25 लाख रुपये की सहायता मिलेगी। 50 लाख से 1.50 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं में 10 प्रतिशत अथवा 6.25 लाख रुपये (जो भी अधिक हो) मार्जिन मनी दी जाएगी। वहीं 1.50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं के लिए परियोजना लागत का 10 प्रतिशत, अधिकतम 50 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है।
योजना के तहत सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला एवं दिव्यांग लाभार्थियों को 5 प्रतिशत स्वयं का अंशदान करना होगा। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। किसी प्रकार की शैक्षिक योग्यता अनिवार्य नहीं रखी गई है। लाभ केवल जनपद के लिए चिन्हित ODOP उत्पाद बाटी-चोखा से संबंधित इकाइयों को ही मिलेगा। इसके अलावा आवेदक किसी राष्ट्रीयकृत बैंक का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए और न ही केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना का लाभ पहले से प्राप्त किया हो। पात्रता संबंधी शर्तों को पूरा करने के लिए आवेदक को शपथ पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। योजना की विस्तृत जानकारी एवं आवेदन संबंधी जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी किसी भी कार्यदिवस में उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, बलिया कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देना और बलिया के पारंपरिक व्यंजन बाटी- चोखा को नई पहचान दिलाना है।